बाड़मेर अब तरक्की की राह पर, इच्छाशक्ति और जनसहयोग से आया बदलाव

जागरूक टाइम्स 922 Sep 1, 2018

बाड़मेर @ जागरूक टाइम्स
 मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि कभी पिछड़े समझे जाने वाले बाड़मेर जैसे जिले आज विकास यात्रा में आगे निकल चुके हैं और अब वह दिन दूर नहीं जब शिक्षक, डॉक्टर, उद्यमी और अन्य लोग बाड़मेर-जैसलमेर जिलों में काम करने के लिए दौड़ेंगे। इच्छाशक्ति, ईमानदारी से प्रयास, ईश्वर की कृपा, संतों के आशीर्वाद और जन सहयोग से ही यह बदलाव आ रहा है।
मुख्यमंत्री श्रीमती राजे शनिवार को बाड़मेर जिले के गुढामालानी में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण, शिलान्यास एवं लाभर्थियों से संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि जब मन में इच्छा शक्ति और ईमानदारी से काम करने का संकल्प हो तो संसाधनों की कमी नहीं रहती और जब काम होता हुआ दिखता है तो लोग भी साथ आते हैं। हमने पूरी पारदर्शिता के साथ कुशल प्रबन्ध करजनता का पैसा जनता के विकास कार्य पर ही खर्च किया है औरबिना भेदभाव प्रत्येक जाति को गले लगाया है। राज्य के प्रत्येक व्यक्ति की खुशहाली हमारी जिम्मेदारी है और विकास कार्यों के लिए पैसों की कोई कमी नहीं है।
श्रीमती राजे ने राज्य में बालिका एवं महिला कल्याण, महिला सुरक्षा, किसान, सैनिक कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली-पानी एवं विकास के अन्य क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यो की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने गुढ़ामालानी विधानसभा क्षेत्र में कई विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। उन्होंने 3 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से उपखण्ड अधिकारी कार्यालय भवन धोरीमन्ना एवं गुडामालानी के निर्माण कार्य, 10 करोड़ 81 लाख रुपए की लागत से निर्मित 33/11 केवी सब स्टेशन (धोलकिया, बुल, सनावड़ा खुर्द, मांगता, थावों की ढ़ाणी, बाधा, भूणिया, भावाणियों की ढ़ाणी एवं मंगले की बेरी) एवं 2 करोड़ रु की लागत के डेडावास जागीर, कोलियाणा, खुमे की बेरी एवं डबोई में ग्राम पंचायत भवनों का लोकार्पण किया।
 उन्हाेंने इस अवसर पर करीब 29 करोड़ की लागत के विधानसभा क्षेत्र - गुडामालानी में ग्रामीण गौरव पथ चरण चतुर्थ के विरूद्व मिसिंग लिंक सडकों का निर्माण कार्य ( 57 कार्य लम्बाई 132.55 किमी) एवं 1 करोड़ 20 लाख रु लागत से विभिन्न पंचायतों में सीमेन्ट सडकों के निर्माण ( 2 कार्य लम्बाई 2.00 किमी) कायोर्ं का शिलान्यास किया।
श्रीमती राजे ने कहा कि इस क्षेत्र और प्रदेश को खुशहाल बनाने के लिए हर आदमी को संकल्प लेना है। उन्होेंने कहा कि गुढामालानी विधानसभा क्षेत्र में साढे चार वर्षों में करीब 1300 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च हुए हैं। क्षेत्र की 70 ग्राम पंचायतों में से 68 ग्राम पंचातय मुख्यालयों परं विद्यालय 12वीं कक्षा तक क्रमोन्नत कर दिए गए हैं एवं शेष भी इस साल के अन्त तक हो जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को समर्पित ग्रामीण गौरव पथ 70 ग्राम पंचायत मुख्यालयों में से 60 मुख्यालयों पर बनाए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाड़मेर जिले में सड़कों के विकास पर पिछले साढ़े चार साल में 6 हजार 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें से अकेले गुढामालानी क्षेत्र में 372 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण कराया गया है।
उन्होंने कहा कि गुढामालानी-रतनपुरा-लूणी छह किलोमीटर आरोबी सड़क स्वीकृत कर दिया है जिसका काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। गुढामालानी क्षेत्र के लोगों ने एक न्यायालय की मांग की थी जिस पर उन्होंने दो न्यायालयों की स्थापना को स्वीकृति दे दी है एवं यहां अब अपर न्यायिक मजिस्टेट एवं सिविल न्यायिक मजिस्टेट कार्यालय स्थापित करने का काम किया है।

263 गांवोें को नर्मदा का मीठा पानी

श्रीमती राजे ने कहा कि नर्मदा-गुढामालानी जल परियोजना में क्षेत्र के 263 गांवों को मीठा पानी देने का काम जारी है। इसमें 115 किमी बड़ी पाइप लाइन के जरिए इन गांवों को पानी मिलेगा जिस पर 100 करोड़ रूपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके जरिए प्रतिदिन साढे चार करोड़ लीटर मीठे पानी की आपूर्ति होगी।

पेट्रोलियम रिफायनरी से राज्य पर कर्ज घटाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बाड़मेर रिफायनरी की स्थापना की शर्तें जनहित में नहीं थीं और उनके आधार पर राज्य पर 56 हजार करोड़ का कर्ज का भार आने वाला था जिसे हमने घटाकर मात्र 14 हजार करोड़ तक कर दिया है। उन्होंने कहा कि पचपदरा में रिफायनरी पर काम शुरू हो चुका है जिसे मौके पर जाकर देखा जा सकता है। जल्द ही यहां पेटोलियम स्कूल शुरू होगा। जिसमें स्थानीय युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर पेट्रोलियम उद्योग की आवश्यकता के अनुसार कुशलता प्राप्त कर सकेंगे। तब केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु जैसे दूसरे राज्यों से लोगों को इन कम्पनियों को यहां भर्ती के लिए नहीं बुलाना पडेगा और प्रदेश के युवाओं को ही रोजगार मिल सकेगा।

सैनिकों को सम्मान

श्रीमती राजे ने कहा कि 14 अगस्त को बाड़मेर-जैसलमेर-बीकानेर एवं श्रीगंगानगर के हजारों लोगों ने शहादत को सलाम करते हुए मानव शृंखला बनाई जिसे पूरे देश में सराहा गया। उन्होंने सीमाओं की रक्षा में खडे सैनिकों एवं शहीदों को सम्मान देने के इस अभियान में शामिल समस्त जनों का आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 से शहीद हुए सैनिकों के हर परिवार में से किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा को शीघ्र ही पूरा करेंगे। सैनिकों के हित में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए श्रीमती राजे ने कहा कि मैडल धारक सैनिकों की पुरस्कार राशि को बढाया गया है तथा पूर्व सैनिकों को भी राजकीय सेवा में 5 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

ऋण माफी प्रमाणपत्र बांटे

उन्होंने कहा कि किसानों को मदद देने के लिए 50 हजार रु तक का फसली ऋण माफ कर शिविरों के जरिए ऋण माफी प्रमाणपत्र बांटे गए हैं। ऋण माफी वाले किसानों को आवश्यकता होने पर पुनः ऋण प्रदान किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्थान सहकारी क्षेत्र में फसली ऋण देने में देशभर में अग्रणी है। इस वर्ष के अन्त तक 80 हजार करोड़ रु के नए ऋण प्रदेश के किसानों को वितरित कर दिए जाएंगे। किसान के साथ दुर्घटना होने पर अब उसे 10 लाख रु तक का बीमा लाभ मिलने लगा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहायतार्थ चैक भी वितरित कियें।

लाभार्थियों से मुलाकात, बालिकाओें को चॉकलेट

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात की और उन्हें मिले लाभ के बारे में जानकारी की। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के लाभार्थियों से मुलाकात करते हुए उन्होंने मीनाक्षी एवं अन्य बालिकाओं को चॉकलेट देकर लाड किया। लाभार्थी कृष्ण कुमार को मंच पर बुलाकर नरेगा, एनएफएसए, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा में उसे मिले परिलाभों की जानकारी ली। उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गुढामालानी की 20 बालिकाओं को साइकिलें भी सौंपी।

संतों का लिया आशीर्वाद

श्रीमती राजे ने अपना सम्बोधन प्रारम्भ करने से पहले सभा में उपस्थित संतवृन्द के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया एवं श्रीफल व शॉल भेंट कर उनका सम्मान किया।

तरूण सागर जी को याद किया, रखा मौन

मुख्यमंत्री ने सभा में दिवंगत जैन संत श्री तरूण सागरजी के देहावसान पर दुःख प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि दी। श्रीमती राजे ने कहा कि वे एक महान् संत थे और मुनिश्री का उन पर विशेष स्नेह था। श्रीमती राजे ने उनको श्रद्धान्जलि देते हुए एक मिनिट का मौन रखा।

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