पानी के पुनः उपयोग लिए बाड़मेर शहर का बनेगा विजन डाक्यूमेंट

जागरूक टाइम्स 190 Jul 15, 2019

बाड़मेर : पानी बचाने और उसका दोहरा उपयोग करने के लिए के लिए अब बाड़मेर शहर का विजन डॉक्यूमेंट बनेगा। इससे जल सरंक्षण का मसौदा तैयार होगा। राजस्थान के हर जिले के लिए अलग अलग समाधान खोजे जाएंगे क्योंकि राज्य के सभी जिलों की भौगोलिक परिस्थितियां अलग अलग है। राज्य सरकार ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से जुड़े वाटर एंड सेनिटेशन स्पोर्ट ऑर्गेनाइजेशन को इसकी जिम्मेदारी दी है। इस काम को लेकर आज एक अहम बैठक का आयोजन जयपुर में किया जाएगा जिसमे कई विशेषज्ञ जुटेंगे।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से जुड़े वाटर एंड सेनिटेशन स्पोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए मुख्य तौर पर यूनिसेफ को भागीदार बनाया गया है। पेयजल सरंक्षण पर काम कर रहे देश के ख्यातिनाम विशेषज्ञो की राय के आधार पर यह डॉक्यूमेंट तैयार होगा। वाटर एंड सेनिटेशन स्पोर्ट ऑर्गेनाइजेशन इसे सरकार को सौंपेंगी। यह काम जलशक्ति अभियान के तहत होगा। इस खास कार्य के लिए आज एक अहम बैठक का आयोजन जयपुर में किया जाएगा जिसमे कई विशेषज्ञ जुटेंगे। यह लोग राज्य स्तर पर एक कमेटी बनाइयेंगे।

इनकी मोनेटरिंग से ही मुहिम चलेगी।वाटर एंड सेनिटेशन स्पोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार पानी बचाने और वेस्ट वाटर को दोबारा उपयोगी बनाने पर मुहिम शुरू की जाएगी। इसके लिए जानकारों की राय से विजन डोकोमेंट तैयार किया जा रहा है। गौरतलब है कि पानी को लेकर पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जैसलमेर में हालात विकट है। यहाँ लगातार पड़ रहे अकाल के चलते प्राकृतिक स्त्रोत तालाब, नाड़ियां, कुँए सूखने के कारण पेयजल किल्लत बढ़ती जा रही है। राज्य में 248 में से 164 तो डार्क जोन में है।


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