दो साल से दूधिया स्कूल बंद, तालीम के लिए अल्पसंख्यक बच्चे कर रहे आठ किमी का सफर

जागरूक टाइम्स 266 Jul 22, 2018

- धोरीमन्ना पंचायत समिति के दूधिया गांव की स्कूल का मामला

धोरीमना @ जागरूक टाइम्स

राज्य सरकार द्वारा दो वर्ष पूर्व स्कूल समायोजन के दौरान पंचायत समिति के मांगता ग्राम पंचायत के दूधिया गांव में एकमात्र राजकीय प्राथमिक विद्यालय को समायोजित कर लिया गया। समायोजन के समय यहां कार्यरत शिक्षक ने जानबूझकर नामांकन कम बताकर दूधिया गांव की स्कूल को बंद करके गोदारों का तला स्कूल में समायोजन करवा दिया। 

हकीकत में इस गांव में अल्पसंख्यक एवं दलित वर्ग की करीब 80 ढाणियां हैं। वहीं, अब स्कूल परिक्षेत्र में करीब 70 से ज्यादा बच्चों की संख्या है। ग्रामीणों ने बच्चों की नामांकन सूची तैयार करके शिक्षा विभाग को भेजकर दूधिया स्कूल को शुरू करवाने की मांग की। इस पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने जांच करके 10 जुलाई 2018 को विद्यालय पुन: शुरू करवाने की रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दी। ग्रामीणों का आरोप है कि नया सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक स्कूल शुरू नहीं हुई है। अरावली जयपुर एनजीओ की टीम रविवार को इस विद्यालय के हालातों को जानने पहुंची। एनजीओ टीम अरावली जयपुर के निदेशक अम्बुज शर्मा, वरुण शर्मा व ग्रामीण विकास संस्थान के डूंगराराम राव ने स्कूल का निरीक्षण करके ग्रामीणों की समस्या सुनकर विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजेंगे।

ग्रामीणों की जुबानी

विद्यालय पिछले दो साल से बंद पड़ा है तथा बच्चे घर से आठ किमी दूर पढऩे के लिए जा रहे हैं। जल्द से जल्द विद्यालय को पुन: शुरू करवाया जाना चाहिए।
- शाबु खां, अभिभावक

कम नामांकन के कारण समायोजित

समायोजन के समय कम नामांकन होने के कारण दूधिया स्कूल गोदारों का तला में समायोजित हो गई। अब नामांकन बढ़ रहा है तो ग्रामीणों ने स्कूल को पुन: चालू करने की मांग की, जिस पर जांच रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियो को भेज दी है।
- लक्ष्मण सोलंकी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, धोरीमन्ना

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