रामकथा पांडाल पर आंधी-तूफान का कहर 15 लोगों की मौत

जागरूक टाइम्स 295 Jun 24, 2019

जसोल। बाड़मेर जिले में बालोतरा के पास जसोल कस्बे में एसएन वोहरा सैकंडरी स्कूल में चल रही राम कथा के दौरान तेज तूफान से पांडाल गिर गया। जिससे 15 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को सरकारी व निजी वाहनों से अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई लोगों ने संवेदना जताई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। गहलोत सोमवार को जसोल और बालोतरा का दौरा करेंगे।

जानकारी के अनुसार श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल के तत्वावधान में राम कथा का आयोजन एक दिन पहले शुरू हुआ था, जहां कथाकार मुरलीधर महाराज प्रवचन कर रहे थे। रविवार दोपहर बाद अचानक तेज आंधी और तूफान आने से पांडाल अचानक गिर गया और पांडाल में दबने से 14 लोगों की मौत हो गई। अचानक हुए घटनाक्रम के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहीं कई लोग पंडाल में विद्युत लाइन की चपेट में आने से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में प्रशासनिक अमले के अधिकारी पहुंचे और बचाव कार्य शुरू हुआ। घायलों को नाहटा अस्पताल बालोतरा पहुंचाया। जहां घायलों का उपचार चल रहा है। हादसे की जानकारी के बाद शहर के निजी चिकित्सालयों के चिकित्सक बड़ी संख्या में सरकारी चिकित्सालय पहुंचे और घायलों का उपचार शुरू कर किया। हादसे की जानकारी पर जोधपुर संभागीय आयुक्त बीएल मीणा, आईजी जोधपुर, पूर्व मंत्री अमराराम, नगर परिषद रतन खत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश चौहान सहित विभिन्न संगठनों संस्थाओं के पदाधिकारी चिकित्सालय पहुंचे।

वहीं उपखंड अधिकारी रोहित कुमार, एसपी राशि डोंगरा, डिप्टी छुगसिंह सोढ़ा, थानाधिकारी निरंजन प्रतापसिंह सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता के निर्देशन में घायलों की मदद के लिए जुट गए। बेहद दुखद हादसे के बाद जसोल व बालोतरा उपखंड क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। दिल दहला देने वाली घटना जिसने भी सुनी, वह स्तब्ध रह गया। हर किसी के मुंह से एक ही शब्द था कि भगवान पीडि़त परिवारों को संबल प्रदान करें। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी घटना की जानकारी ली। चिकित्सकों को बेहतर उपचार व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

पांडाल गिर रहा-बाहर निकलो
दोपहर बाद लगभग साढ़े तीन बजे कथा वाचक मुरलीधर महाराज प्रवचन दे रहे थे और अचानक तेज आंधी का अहसास हुआ। उन्होंने श्रद्धालुओं को कहा कि हवा तेज है कथा को रोकना पड़ेगा। तूफान बहुत तेज है पांडाल उड़ रहा है। और इसके बाद धीरे-धीरे पांडाल गिरने लगा। कथा वाचक ने कहा कि आप सभी पांडाल खाली कर बाहर निकलो और खुद भी दौड़ते हुए बाहर निकले। इतने में ही डोम ढह गया। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे।

इन्होंने जताई संवेदना
घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दुख जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि राजस्थान के बाड़मेर में कथा के दौरान पंडाल गिरना दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरी संवदेनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। सीएम गहलोत ने ट्वीट कर हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि जसोल में राम कथा के दौरान टेंट गिरने से हुए हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने की जानकारी अत्यंत दुखदए दुर्भाग्यपूर्ण है। ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने, शोकाकुल परिजनों को संबल देने की प्रार्थना है।

राहत-बचाव कार्य जारी
सीएम ने लिखा कि घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। उन्होंने लिखा कि स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव का कार्य किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को हादसे की जांच करने, घायलों का शीघ्र उपचार सुनिश्चित करने तथा प्रभावितों एवं उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इनकी हुई मौत
देवीलाल पुत्र भीमाराम खत्री, जब्बरसिंह गोलिया, केवलदास संत, पेमाराम पुत्र कुंभाराम प्रजापत, चंपालाल पालीवाल, अविनाश पारख जोधपुर, इंद्रसिंह पुत्र मोतीसिंह, संत सांवलदास जसोल, मालसिंह पुत्र उम्मेदसिंह प्रतापगढ़ अजमेर, सुंदर देवी पत्नी जेठाराम माली, रमेश कुमार, देवकिशन राठी, नारंगी देवी पत्नी जोगाराम, नैनू देवी पत्नी हजारसिंह, जितेंद्र पुत्र जगदीश मेघवाल की मौत हो गई। वहीं कई गंभीर घायलों को जोधुपर रैफर किया गया है।

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