फेसबुक प्रेमी के साथ मिलकर महिला ने उतारा दिव्यांग पति को मौत के घाट

जागरूक टाइम्स 445 Jan 3, 2019

ठाणे (ईएमएस)। मुंबई से लगे ठाणे में हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अवैध संबंधों का पता चलने की वजह से अपने दिव्यांग पति की हत्या कर दी। यही नहीं पति की लाश को अस्पताल पहुंचाते हुए पत्नी और प्रेमी ने हत्या को दुर्घटना का रूप देने का भी प्रयास किया। जिसके बाद महिला अपनी 7 वर्षीय बच्ची को घर पर ही सोता छोड़ प्रेमी के साथ फरार हो गई।

जानकारी के अनुसार ठाणे के घोड़बंदर इलाके के निवासी प्रिया नायक ने पहले साजिश के तहत अपने दिव्यांग प्रति गोपी नाइक को खाने में 30 नींद की गोलियां डालकर मौत के घाट उतारने की कोशिश की। परंतु असफल होने के कारण उसने अपने प्रेमी महेश कराले को घर पर बुलाया और गोपी का गला और मुंह दबाकर मारने का प्रयास किया। इस पर भी ना मरने पर प्रिया ने गोपी के सर पर भारी-भरकम चीज से हमला कर उसे मार डाला।

हत्या की वारदात को इतनी खामोशी से अंजाम दिया गया कि दूसरे कमरे में सो रही 7 साल की बच्ची को भी भनक तक नहीं लगी। हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए पत्नी और प्रेमी लाश को स्कूटर पर रखकर ठाणे सिविल अस्पताल निकल पड़े। रास्ते में स्कूटर पलट गया तो सबको ऑटो में रख कर दोनों अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों को झूठी कहानी सुनाई। हालांकि डॉक्टरों को पहले ही शक हो गया था, जिसके बाद जांच में हत्या की बात सामने आई। जानकारी के अनुसार आरोपी प्रिया नायक की 2 साल पहले महेश कराने से फेसबुक पर मुलाकात हुई।

इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी और 6 महीने से दोनों अलग-अलग जगह पर चोरी- छिपे मिलने लगे। प्रिया नाईक के पति को दोनों के नाजायज संबंधों की भनक पड़ी, तो उसने विरोध किया। लिहाजा गोपी को रास्ते से हटाने के लिए उसकी पत्नी और कराले ने हत्या की साजिश रची। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कासारवडवली ठाणे ने बताया कि एक ओर जहां सरकारी अस्पताल में गोपी की लावारिस लाश पड़ी थी, तो दूसरी तरफ आरोपी और उसका प्रेमी घर वापस आकर कमरे में खून के धब्बे साफ कर सबूत मिटाने में जुटे थे। सुबूत मिटाने के बाद 29 दिसंबर को प्रिया अपनी 7 वर्षीय बेटी को घर पर छोड़ कर अपने आशिक महेश कराने के साथ महाबलेश्वर भाग गई।

अस्पताल में पड़ी लावारिस लाश की पहचान होने के बाद अस्पताल से मिली सीसीटीवी फुटेज और घर में मिले खून के धब्बों के आधार पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम दोनों की तलाश में जुट गई। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को ही नेरूल इलाके से उस वक्त धर दबोचा जब वह महाबलेश्वर से लौटने के बाद यहां से कुछ पैसे बंदोबस्त कर शहर छोड़ने की तैयारी में थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिसके बाद कोर्ट ने दोनों को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।


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