ममता कुलकर्णी की 20 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने का आदेश

जागरूक टाइम्स 91 May 24, 2018
ठाणे । बॉलिवुड की पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश मादक द्रव्य रोधी (एनडीपीएस) अदालत ने ठाणे में दिया है. बता दें कि दो साल पूर्व ठाणे पुलिस ने करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाले एक मादक पदार्थ गिरोह का पर्दाफाश किया था, जिसमें मुख्य आरोपियों में ममता कुलकर्णी भी शामिल है. एनडीपीएस की विशेष अदालत के न्यायाधीश एच.एम.पटवर्धन ने मादक पदार्थ गिरोह मामले में ममता कुलकर्णी के हाजिर नहीं होने के बाद पिछले सप्ताह ममता के मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बने तीन आलीशान फ्लैट्स को कुर्क करने का आदेश दिया था. ममता के इन तीन आलीशान फ्लैट्स की कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई जाती है. विशेष लोक अभियोजक शिशिर हिरे के मुताबिक अभियोजन पक्ष की ओर से अपील किए जाने के बाद अदालत ने कुलकर्णी की इन तीन संपत्तियों को कुर्क करने के निर्देश दिए. अदालत ने 2 हजार करोड़ रुपये के मादक पदार्थ से जुड़े मामले में पेश नहीं होने के बाद ममता कुलकर्णी को भगोड़ा घोषित कर दिया. बता दें कि पिछले साल 6 जून को ठाणे अदालत ने गोस्वामी और कुलकर्णी को भगोड़ा घोषित कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने अदालत से अभिनेत्री की संपत्तियों को कुर्क करने की अपील की. गौरतलब है कि ममता को दो साल पहले मादक द्रव्य कारोबारी विक्की गोस्वामी से जुड़े इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया था. पुलिस ने दावा किया था कि वह मादक पदार्थ कारोबार की अवैध गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थी. ठाणे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उस समय कहा था कि पुलिस कुलकर्णी और गोस्वामी के प्रत्यर्पण की कोशिश करेगी. - क्या है मामला ठाणे पुलिस ने अप्रैल 2016 में महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में स्थित एवान लाइफसाइंसेज लिमिटेड के परिसर में छापेमारी की थी, जिसमें करीब 2 हजार करोड़ रुपये के मूल्य वाली 18.5 टन इफेड्रिन जब्त की गई, जिसके बाद इस मादक पदार्थ गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था. पुलिस के मुताबिक इफेड्रिन नियंत्रित मादक पदार्थ है, जिसे कथित तौर पर एवान लाइफसाइंसेस की सोलापुर इकाई से हटाया जा रहा था और प्रसंस्करण के बाद इसे विदेश भेजा गया था. एफेड्राइन पाउडर का उपयोग सूंघ कर नशा करने के लिए किया जाता है और पार्टियों में लोकप्रिय मादक पदार्थ मेथेम्फेटामाइन का उत्पादन करने के लिए किया जाता है. मादक पदार्थ गिरोह का पता लगाने से ठीक पहले, एवान लाइफसाइंसेस परिसर में 100 किलोग्राम इफेड्रिन बनाया गया था और हवाई मार्ग से केन्या भेजा गया था. उस वक्त ठाणे पुलिस ने बताया था कि इसके लिए गोस्वामी द्वारा कंपनी के एक निदेशक मुकेश जैन को हवाला के जरिये भुगतान किया गया था. पुलिस के मुताबिक जैन कई बार गोस्वामी से मिलने के लिए विदेश गया था.

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