पूर्व नियोजित थी भीमा-कोरेगांव में भड़की हिंसा, पुणे पुलिस ने किया दावा

जागरूक टाइम्स 129 Aug 31, 2018

पुणे के भीमा-कोरेगांव में पिछले दिनों हुई हिंसा पूर्व नियोजित थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि भीमा-कोरेगांव की हिंसा सरकार को हटाने के इरादे से की गई थी। इसके पुलिस के पास पक्के सुबूत हैं। जांच की निगरानी कर रहे पुणे के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि भीमा कोरेगांव में जो हिंसा फैली उसकी भूमिका आठ माह पहले से तैयार की जा रही थी। पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि बड़ी मात्रा में मिले कागजात और अन्य सबूतों के बाद हम पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि हम कोर्ट में इस बात को साबित कर देंगे कि भीमा कोरेगांव हिंसा पूर्व नियोजित थी।

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पुण से करीब 40 किलोमीटर दूर भीमा कोरेगांव में भड़की जातीय हिंसा की जांच में दो चीजें निकलकर सामने आई हैं। एक जांच में माओवादियों की संलिप्तता का मामला सामने आया है, जबकि अन्य में राइटविंग कट्टरपंथी हिन्दुओं की भूमिका सामने आई। शहरी पुलिस द्वारा की जा रही जांच में पुणे में पिछले साल 31 दिसंबर हुए एल्गार परिषद कार्यक्रम के तार माओवादियों से जुड़े दिखाई दे रहे हैं। जबकि, पुणे की ग्रामीण पुलिस की जांच में समस्त हिन्दू अघाडी नेता मिलिंद एकबोटे, शिव छत्रपति प्रतिष्ठान संस्थापक संभाजी भिडे के खिलाफ 1 जनवरी को भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा भड़काने का केस दर्ज किया है।

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