भूगाल के हिसाब से नेपाल, भूटान को भारत की ओर झुकाव रखना ही होगा : रावत

जागरूक टाइम्स 135 Sep 17, 2018

पुणे । सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने कहा कि नेपाल और भूटान जैसे देशों को भौगोलिक स्थिति की वजह से भारत के प्रति झुकाव रखना होगा। नेपाल और चीन के बीच बढ़ती करीबी पर जवाब में रावत ने कहा कि देशों के बीच रिश्ते वैश्विक परिदृश्य के साथ बदलते हैं।

जनरल रावत बहुपक्षीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग-क्षेत्र प्रशिक्षण सैन्य अभ्यास के लिए बंगाल की खाड़ी की पहल (बिम्सटेक-माइलेक्स-18) के समापन समारोह के दौरान कही। उन्होंने कहा,नेपाल और भूटान जैसे देशों को भूगोल की वजह से भारत की ओर झुकाव रखना होगा। भूगोल भारत की ओर झुकाव की वकालत करता है और जहांतक गठजोड़ (चीन के साथ) की बात है तो यह अस्थाई चीज है।

पाकिस्तान और अमेरिका के उदाहरण देते हुए जनरल ने दावा किया कि इस तरह के संबंध अस्थाई हैं और वैश्विक स्तर पर बदलते परिदृश्य के साथ बदलने वाले हैं। उन्होंने कहा, इस बात का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध हैं। ये अब 70 साल पहले की तरह नहीं हैं। इसकारण हमें इन सभी मुद्दों को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। हमें अपने देश को मजबूत रखने पर ध्यान देना होगा।

रावत ने कहा कि भारत का नेतृत्व पड़ोसी देशों के साथ संबंध विकसित करने में विश्वास करता है। उन्होंने दावा किया कि भारत अर्थव्यवस्था के चलते चीन को प्रतिस्पर्धी मानता है। रावत ने कहा, ‘‘वे (चीन) बाजार की ओर देख रहे हैं और हम भी। दोनों में प्रतिस्पर्धा है, जो भी बेहतर करेगा, जीतेगा। इसके पहले रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने कहा कि नेपाल ने पर्यवेक्षक भेजकर इसमें भाग लिया है।

उन्होंने कहा,उन्होंने (नेपाल ने) पिछले सभी सम्मेलनों में भाग लिया है। इस बार यह सैन्य अभ्यास है और इसी दौरान उनकी कमान बदल गई। उन्होंने कहा,नेपाल ने अपने पर्यवेक्षक भेज हैं अत: उनकी ओर से भागीदारी है। हमें अन्य किसी कोण से देखने की जरूरत नहीं है। सप्ताह भर चलने वाले सैन्य अभ्यास में भारत,श्रीलंका,बांग्लादेश,म्यामांर और भूटान की सैन्य टुकड़ियां भाग ले रही हैं, वहीं नेपाल और थाइलैंड ने इसमें भाग नहीं लिया है और पर्यवेक्षकों को भेजा है।

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