पिता के ऊपर लगाए आरोप हास्यापद

जागरूक टाइम्स 227 Sep 4, 2018

पुणे । सामाजिक कार्यकर्ता और वकील वर्नोन गोन्साल्विस के बेटे सागर गोन्साल्विस ने कहा कि पुलिस द्वारा उनके पिता के ऊपर लगाए आरोप हास्यापद हैं। वर्नोन मुंबई के रहने वाले हैं। महाराष्ट्र पुलिस द्वारा 28 अगस्त को माओवादियों से संबंध होने के शक में चार और लोगों समेत उन्हें गिरफ्तार किया था। सागर गोन्साल्विस ने बताया कि लोग अब्दुल कलाम, कल्पना चावला जैसी शख्सियत को अपना आदर्श मानते हैं लेकिन मेरे लिए मेरे पिता ही आदर्श हैं। वो चंद्रपुर इलाके में दबे-कुचले लोगों के लिए काम करते रहे हैं।

सागर ने कहा, "जब मैं उन जगहों पर गया तो मैंने देखा कि लोग मेरे पिता की कितनी इज़्ज़त करते हैं। हाल ही में मुझे गांधी फेलोशिप मिली, जिसकी वजह से मैंने ग्रामीण क्षेत्रों मे जाकर काम किया। मेरी इच्छा है कि मै भी अपने पिता की तरह इसी क्षेत्र में काम करता रहूं।" जब पत्रकार ने उनसे हाउस अरेस्ट की वजह से होने वाली परेशानी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मेरी कॉलोनी में सामान्य मध्यम वर्गीय परिवार के लोग रहते हैं।

लेकिन अब यहां पर पुलिस और मीडिया के लोग आते रहते हैं। हम नहीं चाहते कि हमारी कॉलोनी के लोगों को किसी तरह की कोई दिक्कत हो इसलिए मुझे उनके लिए बुरा महसूस होता है। कॉलोनी में लोग हमारा सपोर्ट करते हैं।ये पूछे जाने पर कि जब पुलिस वाले आपके पिता को गिरफ्तार करने आए तो आपकी मां ने उनको चाय पिलाई, सागर बताते हैं कि 'मेरे पिता काफी शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती है।

सागर ने कहा, 'मुझे गर्व है कि मैं एक राजनीतिक कैदी का बेटा हूं। वह मेरे हीरो हैं। हालांकि मेरे एक फेसबुक पोस्ट पर मुझे कई घृणास्पद मैसेज मिले लेकिन ये सब चीज़े मुझे रोक नहीं सकती हैं। हम लोग काफी आशावादी हैं।'उन्होंने बताया कि 2007 में जब मेरे पिता को गिरफ्तार किया गया था तो उस वक्त उनके साथ काफी बदसलूकी की गई।

उस वक्त पुलिस ने हमारी मां को धमकाया था कि कुछ किया तो बहुत बुरा होगा। इसीलिए वकील होने के बावजूद भी मेरी मां ने मेरे पिता को छुड़ाने के लिए कुछ भी नहीं किया। उस वक्त मेरी उम्र 12 साल थी। लेकिन इस बार वैसा नहीं है। इस बार पुलिस वालों का व्यवहार काफी अच्छा है।

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