जर्मन बेकरी धमाका : मुख्य आरोपी यासीन भटकल को कोर्ट में पेश करने में एटीएस नाकाम

जागरूक टाइम्स 291 Sep 20, 2018

पुणे में हुए चर्चित जर्मन बेकरी बम धमाका प्रकरण के मुख्य आरोपी सरगना मोहम्मद अहमद सिद्दीबप्पा उर्फ यासीन भटकल को राज्य एटीएस न्यायालय के सामने एक बार भी नहीं पेश कर सकी है। वहीं बुधवार को एटीएस ने यह कह दिया कि उसे नहीं पता कि फिलहाल भटकल कहां है। इस बारे में लिखित जानकारी पुणे सत्र न्यायालय को दी गई, जिसके बाद जिला और सत्र न्यायाधीश केडी वाधने ने यरवडा सेंट्रल जेल प्रशासन से जवाब तलब किया है।

साल 2010 में हुए इस बम ब्लास्ट का केस इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक भटकल के न मिलने से पिछले तीन साल से आगे नहीं बढ़ सका है। मामले में सत्र न्यायालय ने सुनवाई 22 अगस्त, 2014 से अब तक 71 बार आगे बढ़ाई है और अभी तक आरोप ही तय किए जा रहे हैं। अदालत के सामने यह स्थिति बचाव पक्ष के वकील जहीरखान पठान ने रखी और जब एटीएस से जवाब मांगा गया तो उन्होंने भटकल के बारे में जानकारी न होने की बात कही।

पठान का कहना है कि रिमांड के वक्त भटकल को कोर्ट के सामने पेश किया गया था, तब वह एटीएस की हिरासत में था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एटीएस की ट्रायल को खींचने की कोशिश है। पठान ने कहा कि जांच एजेंसी होने के नाते उन्हें पता होना चाहिए कि भटकल कहां है। उन्होंने कहा कि यह आरोपी के अधिकारों का हनन है।

इस बारे में जब विशेष अभियोजन अधिकारी राजा ठाकरे से पूछा गया तो उन्होंने बताया, भटकल को हैदराबाद में दिसंबर 2016 में दो बम धमाकों के लिए मौत की सजा दी गई थी। यह आदेश था कि वह राज्य के बाहर नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष को केस का ताजा स्टेटस नहीं पता है। भटकल को 28 अगस्त 2013 को बिहार के रक्सौल में भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया था।

उसे 13 मार्च, 2014 को महाराष्ट्र एटीएस को सौंप दिया गया। पुणे कोर्ट में उसकी पेशी केवल दो बार हुई। बाद में उसे सुरक्षा कारणों से तिहाड़ जेल में रखा गया और जर्मन बेकरी केस में चार्जशीट देने एटीएस के अधिकारी वहीं गए। भटकल को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी कोर्ट ने 21 फरवरी, 2013 को हुए धमाकों के लिए दिसंबर 2016 में मौत की सजा सुनाई थी। जर्मन बेकरी केस में अगली सुनवाई 21 सितंबर को है। यरवडा जेल के अधिकारियों से एटीएस के बयान पर विस्तृत जवाब मांगा गया है।

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