मुंबईकरों पर आफत की बारिश, 34 द‍िनों में 31 की मौत

जागरूक टाइम्स 418 Jul 6, 2018

मुंबई । यूं तो हर साल मुंबई महानगर पालिका प्रशासन, रेलवे तथा राज्य सरकार द्वारा मानसून से पूर्व बड़े-बड़े दावे और वादे किए जाते हैं मगर मानसून के दौरान लोगों की मौत, ट्रेनों के परिचालन पर असर और बारिश से होने वाली परेशानियां सभी दावे और वादे को खोखला साबित कर देता है. हर साल मानसून के दौरान दर्जनों बेगुनाह लोगों की मौत हो जाती है. 

यह सालों से चला आ रहा है. ऐसा ही इस साल भी अब तक सुनने को मिलता आ रहा है. इस साल मानसून के दौरान अब तक 34 लोगों ने विभिन्न कारणों से अपनी जान गंवाई है. इस साल मॉनसून के दौरान लोगों के बह जाने, पेड़ की चपेट में आने और बिजली के झटके से मौत की खबरों ने मुंबईकरों को खासा चिंतित कर दिया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 जून से 4 जुलाई के बीच 34 दिनों में ऐसे मामलों में 31 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. सबसे अधिक 19 मामले लोगों के बह जाने के दर्ज हुए हैं. पिछले साल 1 जून से 4 जुलाई के बीच हुए हादसों में 23 लोगों को जान गई थी. इस साल इसी अवधि में 8 लोगों की जान गई है. 

इस अवधि में केवल पेड़ गिरने या टहनी की चपेट में आने से 16 लोगों की मौत हुई है. बहरहाल मनपा हर मॉनसून से पहले पूरी तैयारी होने का दावा करती है, लेकिन हादसों की संख्या को देखकर यह दावा खोखला लगता है. आश्चर्यजनक बात यह है कि लोगों के बह जाने के मामलों में अक्सर लापरवाही या खुले ढक्कन पर दोष मढ़ कर मनपा अपना पल्ला झाड़ लेती है.

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