अरक्षण के मुद्दे पर फड़नवीस से खफा है मराठा समाज

जागरूक टाइम्स 327 Jul 24, 2018

मुंबई : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के खिलाफ इन दिनों मराठों का गुस्सा उबाल मार रहा है। 72 हजार सरकारी नौकरियों की भर्ती में मराठों के लिए 16 फीसदी पद आरक्षित रखने का मुख्यमंत्री का फैसला इस आग को ठंडा करने की जगह और भड़का रहा है। पूजा के लिए पंढरपुर नहीं जाने के मुख्यमंत्री के फैसले को मराठा समाज अपने अपमान के रूप में ले रहा है। मराठों के गढ़ पुणे में संभाजी ब्रिगेड और मराठा सेवा संघ के नेताओं ने सार्वजनिक रूप से मराठों से माफी मांगने की मांग की। 

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संभाजी ब्रिगेड मराठा सेवा संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण गायकवाड, राज्य समन्वयक शांताराम कुंजीर और इतिहासकार श्रीमंत कोकाटे ने पत्रकार परिषद में कहा कि पंढरपुर में सरकारी पूजा में अनुपस्थित रहकर मुख्यमंत्री ने एक तरह से मराठों का अपमान किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। मराठा नेताओं ने कहा मराठा आरक्षण के संदर्भ में मुख्यमंत्री की पूरी भूमिका ही संदिग्ध है। मराठा आरक्षण का मामला जब कोर्ट में लंबित है तो 16 फीसदी आरक्षण देने का अधिकार फडणवीस को किसने दिया? 


मराठा नेताओं ने कहा मराठा क्रांति मोर्चा पिछले दो सालों से बहुत ही शांत तरीके से मोर्चा-प्रदर्शन कर रहा है। अब तक 58 मोर्चे निकाले जा चुके हैं। मराठा क्रांति मोर्चा ने मांग की है कि जब तक मराठा आरक्षण पर कोई फैसला नहीं होता, तब तक सरकारी नौकरियों में बड़े स्तर पर भर्तियों पर रोक लगाई जाए। वहीं, सरकार ने ऐलान किया है कि 72 हजार नौकरियों में से 16 फीसदी नौकरियां मराठा समाज के लिए आरक्षित रखी जाएंगी और मराठा समाज के आरक्षण पर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद बाकी सीटों को बैकलॉग से भरा जाएगा।

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