शाह-उद्धव की मुलाकात से पूर्व शिवसेना ने कहा 2019 में एकला चल रहे

जागरूक टाइम्स 133 Jun 6, 2018

मुंबई : 2019 के चुनाव से पहले बीजेपी ने रूठे हुए सहयोगियों को मनाने की कवायद शुरू की है। इसी कड़ी में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह बुधवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात करने वाले हैं। उधर इस मुलाकात से पूर्व शिवसेना कह चुकी है कि वह अगला आम चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। इसके बाद शाह-उद्धव की मुलाकात शिवसेना को मनाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। हालांकि,मुलाकात से ठीक पहले शिवसेना ने मोदी-शाह’ पर निशाना साधकर जता दिया है कि वह फिलहाल किसी समझौते के मूड में नहीं है।

मुलाकात से पहले शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधा है।अपने मुखपत्र ‘सामना’ में शिवसेना लिखती है, इस वक्त में जब तेल की बढ़ी कीमतों की वजह से देश गुस्से में है, किसान आंदोलन कर रहे हैं,सरकार द्वारा साम,दाम, दंड और भेद अपनाए जाने के बाद भी किसानों से बातचीत नहीं हो पा रही है, इसमें मोदी और अमित शाह 350 सीटें जीतने का सपना देख रहे हैं। इस स्थिति में मोदी और शाह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार अभियान चला रहे हैं। दोनों के कौशल की तारीफ होनी चाहिए।

'सामना' में शिवसेना ने फिर दोहराया कि वह 2019 का चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। बीजेपी के संपर्क अभियान पर निशाना साधते हुए शिवसेना लिखती है कि बीजेपी संपर्क अभियान चला जरूर रही है लेकिन जनता से उसका संपर्क लगातार टूटता जा रहा है। बिहार में नीतीश कुमार को गठबंधन का चेहरा बनाने शिवसेना ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में नीतीश का चेहरा काम नहीं करेगा।शिवसेना का कहना है कि अगर बीजेपी राम मंदिर बनाती है तो 350 सीटें जीत सकती है।

दरअसल,महाराष्ट्र के पालघर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में दोनों सहयोगी दलों के बीच जोरदार आरोप-प्रत्यारोप देखा गया। पालघर सीट पर बीजेपी ने फतह जरूर हासिल की, लेकिन जीत के बेहद कम अंतर ने राज्य और केंद्र की सत्ताधारी पार्टी को चौकन्ना कर दिया है। एनडीए के छोटे घटक दलों की कथित अनदेखी को लेकर शिवसेना लगातार बीजेपी पर हमलावर रही है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने तो अपनी पार्टी को बीजेपी का सबसे बड़ा राजनीतिक शत्रु तक करार दिया। उन्होंने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह दोनों को 'नहीं चाहता' है, लेकिन कांग्रेस या जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा को 'स्वीकार' कर सकता है।


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