50-50 के अपने ही फॉर्मूले में उलझी शिवसेना, पवार भी चाहते हैं रोटेशनल सीएम

जागरूक टाइम्स 166 Nov 12, 2019

मुंबई (ईएमएस)। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर नया पेंच फंस गया है। कांग्रेस का मानना है कि देरी उनकी तरफ से नहीं, बल्कि राकांपा प्रमुख शरद पवार की ओर से हो रही है। इसके पीछे कांग्रेस की थ्योरी है कि शरद पवार चाहते हैं कि दोनों पार्टियों शिवसेना और राकांपा को ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री पद मिले। यानी सीएम का पद रोटेशनल हो। जबकि, शिवसेना आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है।

दिलचस्प बात यह है कि शिवसेना ने जिस 50-50 फॉर्मूले के चलते भाजपा से अपना 30 साल पुराना नाता तोड़ा है, उसी के फेर में अब वह स्वयं फंसती नजर आ रही है। दरअसल, शिवसेना ने विधानसभा चुनाव में 56 सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि राकांपा ने 54 सीटें जीती हैं। राकांपा के पास शिवसेना से महज दो सीटें कम हैं। हालांकि, राकांपा की तरफ से लगातार महाराष्ट्र में वैकल्पिक सरकार देने की बात की जा रही है।

मंगलवार सुबह राकांपा नेता अजित पवार ने कहा है कि बीते कल हमने पूरा दिन कांग्रेस के समर्थन पत्र का इंतजार किया, क्योंकि कांग्रेस के बिना हमारे समर्थन का कोई मतलब नहीं है। अजित पवार ने कहा स्थाई सरकार देने के लिए कांग्रेस को आगे आना चाहिए। अजित ने यह भी स्पष्ट किया कि हमारी तरफ से कोई देरी नहीं है। उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस से बात करेंगे और राज्यपाल से ज्यादा वक्त मांगने की कोशिश करेंगे। वहीं, शिवसेना और राकांपा के नेता लगातार सरकार बनाने के दावे कर रहे हैं।

मंगलवार सुबह शिवसेना नेता संजय राउत से मिलने अस्पताल पहुंचे राकांपा नेता छगन भुजबल ने कहा कि राकांपा, कांग्रेस और शिवसेना की सरकार बनेगी। इसमें कोई समस्या नहीं है। इसके साथ ही, शिवसेना नेता मनोहर जोशी ने भी सरकार बनने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा शिवसेना की सरकार जरूर बनेगी और कांग्रेस साथ आएगी। लिहाजा, अब भी सबकी नजर कांग्रेस की तरफ है। दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर पार्टी नेताओं की बैठक हो रही है। इस बैठक में क्या फैसला लिया जाता है, इस पर सबकी नजर लगी है।


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