महाराष्ट्र में प्राइवेट हॉस्पिटल और नर्सिंग होम में महाराष्ट्र सरकार ने रिजर्व किए बेड

जागरूक टाइम्स 122 May 22, 2020

- मुंबई के सभी बड़े अस्पताल में रिजर्व किये बेड

- इलाज के लिए तय की फीस

मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई समेत महाराष्ट्र में आउट ऑफ कंट्रोल हो रहे कोरोना मामले को देखते हुए राज्य सरकार ने बेड की कमी के चलते गुरुवार रात एक अधिसूचना जारी कर राज्य के प्राइवेट हॉस्पिटल और नर्सिंग होम में 80 प्रतिशत से अधिक बेड ले लिए हैं. जिससे सरकार को 4400 बेड की सुविधा मिलेगी. राज्य सरकार ने इन अस्पतालों में इलाज के लिए फीस भी निर्धारित की है. अधिसूचना के अनुसार, धर्मार्थ ट्रस्टों द्वारा संचालित अस्पताल भी शामिल हैं. सरकार ने जिन अस्पतालों में बेड रिजर्व किए हैं उनमें मुंबई के सभी बड़े अस्पताल शामिल हैं. जैसे कि एच.एन.रिलायंस, लीलावती, ब्रीच कैंडी, जसलोक, बॉम्बे हॉस्पिटल, भाटिया, वॉकहार्ट, नानावती, फोर्टिस, एल.एच. हीरानंदानी और पी डी हिंदुजा। इसके साथ ही राज्य सरकार ने अस्पतालों में इलाज के लिए फीस भी निर्धारित की है जो इस प्रकार है-

कोरोना संक्रमित रोगी के लिए प्रतिदिन 4,000 रुपये से ज्यादा नहीं लिए जाएंगे. वहीं आईसीयू का चार्ज अधिकतम 7,500 रुपये निर्धारित किया गया है और वेंटिलेटर के लिए प्रतिदिन 9,000 रुपये तय किए गए हैं. इन बेड के लिए मरीजों को एक केंद्रीकृत पोर्टल प्रणाली के माध्यम से भर्ती किया जाएगा. इसमें डॉक्टर परामर्श शुल्क, नर्सिंग, भोजन और बेड चार्ज शामिल है लेकिन कोरोना टेस्ट, पीपीई किट, सीटी स्कैन और टोसिलिज़ुम अलग से है. इससे पहले एक प्राइवेट हॉस्पिटल में वेंटिलेटर के लिए कोरोना रोगी को सामान्य रूप से एक दिन में 40,000 रुपये से 50,000 रुपये के बीच शुल्क देना पड़ता था. पीपीई (व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण) के लिए अस्पताल अलग से शुल्क ले सकते हैं. अगर पीपीई की लागत 100 रुपये है तो अस्पताल 110 रुपये से अधिक नहीं ले सकता है.



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