महाराष्‍ट्र में चुनावी गठबंधन की सरगर्मियां शुरू

जागरूक टाइम्स 230 Jun 21, 2018

मुंबई । दिसंबर-जनवरी में लोकसभा चुनाव की संभावनाओं ने महाराष्‍ट्र में राजनीतिक दलों की गहमागहमी बढ़ा दी है। आगामी चुनाव में सत्ताधारी भाजपा-शिवसेना को चुनौती देने के लिए विपक्ष समान विचारधारा वाले दलों के साथ चुनावी गठबंधन की संभावनाएं तलाशने की कोशिश कर रहा है। उधर, भाजपा ने भी अपनी गठबंधन सहयोगी शिवसेना से संबंध सामान्य करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

विभिन्न दलों के नेता आपसी सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस-एनसीपी तो सैद्धांतिक रूप से मिलकर चुनाव लड़ने को तैयार हैं। प्रयास अन्य छोटे दलों को भी गठबंधन से जोड़ने का है, ताकि भाजपा विरोधी मतों का ध्रुवीकरण किया जा सके। शिवसेना और भाजपा के संबंधों में हाल के दिनों में भारी खटास पैदा हुई है। इस खटास को कम करने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि यह कोशिशें अब तक सिर्फ भाजपा की ओर से ही हो रही हैं। जबकि, शिवसेना अकेले चुनावी मैदान में उतरने की बात दोहरा रही है। चुनावी गठजोड़ का के प्रयास बुधवार को भी जारी रहे। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे और एनसीपी नेता जितेंन्द्र आव्हाड की बुधवार को राज ठाकरे के घर पर हुई मुलाकात से राजनीतिक हलके में नई चर्चा शुरू हो गई है।

चर्चा है कि राज्य में राजनीतिक ध्रुवीकरण में लगे शरद पवार का संदेश लेकर आव्हाड राज ठाकरे से मिलने गए थे। हालांकि राज ठाकरे के दादर स्थित घर ‘कृष्ण कुंज’ से बाहर आने के बाद आव्हाड ने इसे व्यक्तिगत मुलाकात बताया और कहा कि इस मुलाकात का कोई राजनीतिक प्रयोजन नहीं था।

बता दें कि मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने पिछले दिनों एक सार्वजनिक कार्यक्रम में एनसीपी प्रमुख शरद पवार की सार्वजनिक मंच से तारीफ की थी। दोनों नेताओं की इसके बाद दो-तीन बार मुलाकात हो चुकी है। हाल ही में मराठी नाट्य सम्मेलन के मंच पर दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी। उसके बाद आव्हाड का राज से मिलने जाना राजनीतिक ध्रुवीकरण की चर्चाओं की मुख्य वजह है।

दलित नेता प्रकाश आंबेडकर ने आगामी चुनावों में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन में शामिल होने के संकेत दिए हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि हमारा समर्थन सशर्त होगा। आंबेडकर ने भाजपा के खिलाफ वंचित-बहुजन आघाडी स्थापित कर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस-एनसीपी समेत प्रगतिशील राजनीतिक दलों का साथ देने की बात कही। उन्होंने कहा कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार को हम प्रगतिशील नेता मानते हैं, लेकिन उन्हें अपनी कुछ प्रतिगामी भूमिकाओं में बदलाव करना होगा।


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