दहेज की भेंट चढ़ी जालोर की मणी, पति ने गला दबाकर की हत्या

   Posted Date : 6/12/2018 4:13:31 PM

मुंबई। दहेज को लेकर जहां देशभर में जनजागृति कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और बेटियों को शिक्षित करने के जो प्रयास किए जा रहे हैं, उनका कोई खास असर अभी भी देखने को नहीं मिल रहा है। इसका ताजा उदाहरण है राजस्थान के जालोर जिलांतर्गत रानीवाड़ा के निकट रोड़ा गांव की मणी।  मुंबई के अंधेरी में अपने पति के साथ रह रही मणी की उसी के पति ने गला घोंटकर हत्या करने का मामला प्रकाश में आया है।इसको लेकर मुंबई के साकीनाका थाने मृतका के भाई करमीराम प्रागाराम पुरोहित ने मामला दर्ज कराया है, वहीं पिता प्रागाराम त्रिकमाराम पुरोहित ने राजस्थान के रानीवाड़ा थाने में मामला दर्ज इंसाफ की मांग की है।

मामला दर्ज में जानकारी देते हुए पिता प्रागाराम पुरोहित ने बताया कि उनकी पुत्री मणी का विवाह छह साल पहले राजस्थान के डूंगरी (भक्तों का वास) निवासी सांकलाराम पुत्र सोनाराम पुरोहित से हुआ था। सांकलाराम मुंबई में काम करता था। विवाह के समय पिता पक्ष से 25 तोला एवं 30 तोला चांदी के कंदोरा, 30 तोला चांदी की तोडिय़ा (पायल), ढाई तोला सोने की कंठी, साढ़े तीन तोला सोने की रखड़ी, डेढ़ तोला सोने के झूमर झोला के साथ ही घर-गृहस्थी का सामान दहेज स्वरूप दिया गया। हालांकि विवाह के समय ही ससुराल पक्ष के लोगों में दहेज को लेकर असंतोष था जिसको लेकर विवाह के दौरान ही मणी के पिता को ताना मारा गया था। विवाह के बाद से ही पति के साथ ही ससुर सोनाराम पुरोहित एवं सासु समदादेवी ही परेशान करना शुरू कर दिया था, यहां तक कि मणी के साथ मारपीट भी की जाती थी। विवाह के तकरीबन तीन साल बाद सांकलाराम मणी को अपने साथ मुंबई ले आया और साकीनाक अंधेरी (पूर्व) में रहने लगा।

लेकिन यहां आकर भी उसके साथ मारपीट एवं तानाकशी में कोई फर्क नहीं पड़ा बल्कि अब तीन साल बीतने के बाद भी बच्चा नहीं होने का ताना और प्रताडऩा भी दहेज के साथ जुड़ गई थी। मणी ने अपने साथ हो रहे बर्ताव की खबर अपने पिता के साथ ही अपने भाई एवं भाभी को दी थी। पीहरपक्ष ने बेटी को समझाबुझाकर पुन: अपनी ससुराल में रहने के लिए तैयार कर लिया। लेकिन उसके साथ दुव्र्यवहार का सिलसिला थमा नहीं। पिता प्रागाराम ने पुलिस में मामला दर्ज कराते हुए लिखा कि इसी वर्ष (2018) में होली से पहले सांकलाराम मणी के साथ रोड़ा आया था और उसने सोने की अंगूठी की मांग की जिसपर उसे तभी आधा तोला सोने की अंगूठी भी प्रदान की गई। सोनाराम के मुंबई जाने के बाद मणी होली के अवसर पर अपने भतीजे के ढूंढ़ के आयोजन में पहुंची तो सांकलाराम ने फोन पर ही उसे धमकी दी कि तुरंत यहां से ससुराल चली जाओ अन्यथा अंजाम बुरा होगा।

हालांकि मणी ने अपने पीहर वालों को अपने साथ हो रहे अत्याचार के साथ ही उसकी हत्या की आशंका पहले ही जाहिर कर दी थी परन्तु पीहरवालों ने उसे समझाबुझाकर फिर से पति के साथ मुंबई भेज दिया था। पुलिस को दी गई प्राथमिकी में प्रागाराम ने बताया कि 5 और 6 मई की दरम्यानी रात सांकलाराम ने मणी की कपड़े से गला घोंटकर हत्या करदी और उसे फांसी का स्वरूप देने की कोशिश की। आसपड़ोस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ने मृतका को अकेले ही पंखे से नीचे उतार लिया और उसे चार घंटे तक यूं ही सड़कों पर लेकर चक्कर काटता। उसके बाद 6 मई की सुबह पांच बजे भायंदर स्थित मणी के रिश्तेदार सुरेश पुरोहित धनपुरा को फोन किया।

सुरेश पुरोहित उसे कांदिवली स्थित शताब्धी अस्पताल लेकर गए जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। यहीं पर पुलिस को सूचना दी गई जिसके आधार पर ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस मृतका को घाटकोपर स्थित राजावाड़ी अस्पताल में ले गई जहां उसका पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के अनुसार महिला की मृत्यु गला दबाने से हुई है वहीं उसके पैसों पर मारपीट और चोट के निशान भी मिले थे। जिसकी सूचना पीहर पक्ष को 6 मई दोपहर 12 बजे दी गई। बेटी की हत्या की जानकारी मिलते ही सारा परिवार सदमे में आ गया। इस हत्याकांड की रिपोर्ट 7 मई को अंधेरी (पूर्व) स्थित साकीनाका थाने में दर्ज कराई गई। भा,दं.सं. की धारा 306 के तहत आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल आरोपी रिमांड पर है।

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