भविष्य के निमार्ण का दायित्व शिक्षक का है-आर्यावेश

   Posted Date : 5/15/2018 9:11:59 PM

जालोर। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय का दो दिवसीय प्रदेश महासमिति अधिवेशन मंगलवार से ज्योति बा फुले उ.मा. विद्यालय में सांसद देवजी एम पटेल के मुख्य आतिथ्य में प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली के प्रधान स्वामी आर्यावेश थें। उन्होंने प्रदेशभर से आए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य के निमार्ण का दायित्व शिक्षक का है। मां पहला, पिता दूसरा व सहीं मायने में सच्चा गुरु शिक्षक है। हमारा देश विश्व गुरु का खिताब रहा है।

इसी देश में गुरुकुल पद्धति से राम व कृष्ण जैसे शिष्य तैयार हुएं है जो वैद, मर्यादा, शस्त्र व धर्मशास्त्र का ज्ञान रखते थे। लार्ड मैकाले के भारत में आने के बाद गुरूकुल को स्कूल कहा जाने लगा। जहां दुनिया के लोग चरित्र निर्माण के लिए भारत में आते थे। यहां प्राचीन समय में वेदो से ज्ञान कृविज्ञान प्राप्त कर जैसे पारस पत्थर को छूने से लोहा भी सोना बन जाता है। उसी तरह से विद्यार्थी तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने जनवरी में नववर्ष को मनाने का विरोध जताते हुए कहा कि हमारी संस्कृति इसकी इजाजत नहींं देती। ना ही ये विज्ञान की कसौटी पर खरा उतरता है।

चैत्र मास एकम ही सही नववर्ष है। यह पृथ्वी का श्रृंगार दिवस है। इसे मनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा जगत में नई क्रांतिकारी परिवर्तन करने की आवश्यकता है। देश की 68 प्रतिशत जनसंख्या नौजवान है। यम व नियम की शिक्षा ही विश्व का सत्य दर्शन है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति, पितृशक्ति, देशभक्ति व ईश्वरभक्ति के बारें में हमको बालकों को बताना होगा। तब ही श्रेष्ठ बालक का निर्माण कर सकेंगें। उन्होने बालिका शिक्षा को बढावा देने का आह्वान किया।

साथ ही माताओं पर समाज के निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताई। सांसद देवजी एम पटेल ने कहा कि गुरु का दर्जा भगवान से ज्यादा है। शिक्षा ही जीवन है और जीवन देने वाला शिक्षक है। जालोर जिले में शिक्षा केन्द्रो का विकास हुआ है। यहां से ही प्रतिभा निकलकर आगे देश का नाम रोशन करेगी। उन्होनें पर्यावरण सरंक्षण को महती आवश्यकता बताते हुए सभी को सरंक्षण में आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्या की देवी सरस्वती व भारत माता की तस्वीर पर माल्यार्पण कर तथा सामूहिक राष्ट्रगीत का गान हुआ।

महामंत्री देवलाल गोचर ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होनें संगठन के विभिन्न कार्यक्रमो की जानकारी तथा भावी कार्यक्रमो पर प्रकाश डाला। स्वागाध्यक्ष भभूतराम सोलंकी ने स्वागत भाषण देते हुए जालोर की वीरता की गाथा को बताया। उन्होंने संगठन के कार्यो की प्रशंसा करते हुए शिक्षकों को ध्वजवाहक का संगठन बताया। सभी अतिथियों ने संगठन सारथी स्मारिका का विमोचन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक संघ प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद शर्मा ने कहा कि संगठन शिक्षक हित में संघर्षरत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संरक्षक नानक कुंदनानी ने जालोर के आयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की और शिक्षकों को अपने अधिकारो को लेकर जागरुक रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष शिवदत आर्य ने किया। इससे पूर्व मंगलवार सुबह 11 बजे शैक्षिक सत्र में हिंदू जागरण मंच जोधपुर व  जयपुर प्रांत के संगठन मंत्री मुरलीधर ने  कहा कि शिक्षक पर समाज को बेहतर करने के लिए कि बड़ी जिम्मेदारी है। शिक्षक एकजुट होकर समाज पर  विभिन्न प्रकार से होने वाले हमलों से बचने के उपाय आने वाली पीढ़ी को बताए । भारतीय संस्कृति जिंदा है तो विश्व में शांति का माहौल रहेगा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि भारतीय जनता पार्टी के जिलायक्ष रविंद्रसिंह बालावत ने कहा कि शिक्षक संघ राष्ट्रीय शिक्षा, शिक्षार्थी  और शिक्षक के हित में काम करने वाला संगठन है।

यह संगठन सामाजिक सरोकार से जुडा हुआ है और समाज के नवनिर्माण के लिए भारत के भविष्य को तैयार कर रहे हैं। इससे पूर्व प्रोफ़ेसर रामनारायण शास्त्री के सान्निध्य में राष्ट्रीय रक्षा हवन किया गया। जिसमें उन्होंने कहा कि देवता हमेशा मनुष्य को देते ही रहते हैं इसलिए हमें उनके प्रति श्रद्धा रखनी चाहिए।  विधान संशोधन सत्र उमरावमल की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। जिसमें कई सविधान संशोधन पारित किए गए। सत्र में प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर प्रसादसिंह, जयमाला पानेरे, डॉ अरुणा शर्मा, देवकीनन्दन, सुमन, अरविंद व्यास, नवीन शर्मा, दिनेश कुमार शर्मा उपस्थित थे।

इस अवसर पर महिला प्रदेश मंत्री डॉ अरुणा शर्मा, एबीआरएसएम के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बजरंगप्रसाद मजेजी व मोहन पुरोहित संरक्षक नानक कुन्दनानी, प्रदेश मंत्री रवि आचार्य, प्रदेश संगठन मंत्री महावीर प्रसाद सिंघल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद व्यास, उपाध्यक्ष नवीन शर्मा, हरियाणा आर्य युवक परिषद के प्रधान ब्रह्मचारी दीक्षेन्द्र, सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि के उपमंत्री रामसिंह आर्य, प्रधान संचालक भंवरलाल आर्य, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवदत आर्य, दलपतसिंह आर्य, नारायणसिंह राठौड, प्रशांतसिंहए गोपालसिंह मण्डलावत, मदनसिंह राठौड, अम्बिका प्रसाद तिवारी, ओमप्रकाश खण्डेलवाल, देवराज चौधरी, श्रीराम शर्मा, कृष्णकुमार, नूर मोहम्म्द सहित बडी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।

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