चिलचिलाती धूप में करना पड़ता है रोडवेज बसों का इंतजार

   Posted Date : 4/16/2018 9:04:57 PM

सिरोही। बेशक सिरोही अब दो दशक पुराना शहर नहीं रहा। शहर के विस्तार के साथ विकास भी खूब हुआ, पर रोडवेज बसों के यात्रियों के लिए सुविधा के नाम पर अब भी सिफर की ही स्थिति है। पिछले कुछ अर्से से कॉमर्शियल बन चुके रोडवेज प्रबंधन ने उदार मन रखते हुए अनादरा व गोयली चौराहा से सवारियां उठाने की तो लोकल व एक्सप्रेस बसों के कंडक्टरों को छूट दे दी, पर वहां यात्रियों की सुविधा के नाम पर कोई कार्य नहीं करवाया। मसलन वहां से जो यात्री बस में सवार होते है, उनके लिए वहां न तो बैठने की कोई सुविधा है और न ही धूप या बारिश से बचने के लिए टीन शेड। यूं तो बात छोटी सी है, पर यात्रियों के लिए यह समस्या बहुत बड़ी है। हां, अनादरा चौराहा पर सिरोड़ी-अनादरा-रेवदर-मंडार रूट की बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए केपी संघवी ग्रुप संचालित पावापुरी तीर्थ धाम की ओर से बैठने की सुविधा के साथ शेड बनवाया होने से वहां यात्रियों कम परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

सुविधाएं देने में भी उदार मन जरूरी

सिरोही-मंडार, सिरोही-जालोर, सिरोही-भीनमाल, सिरोही-जोधपुर, सिरोही-जयपुर रूट पर चलने वाली बसें इन दोनों चौराहों से सवारियां उठाने में कोई कोताही नहीं बरतती। अच्छी बात है कि यात्रियों को भारी सुविधा मिल जाती है। उन्हें ऑटो किराया खर्च कर बस स्टैण्ड नहीं आना पड़ता। पैसे और समय की बचत के लिहाज से यात्रियों के लिए यह काफी फायदेमंद है। रोडवेज के लिए सवारियां उठाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे बस की इन्कम बढ़ती है। दोनों अपनी जगह सही है, पर जहां सुविधा की बात आती है तो सवाल यह पैदा होता है कि क्या रोडवेज जहां से फायदा उठाता है वहां सुविधाएं मुहैया कराना उसकी नैतिक जिम्मेदारी नहीं है क्या।

यात्रियों की यह है सबसे बड़ी परेशानी

अनादरा चौराहे पर जालोर, जोधपुर, जयपुर की तरफ जाने वाले यात्रियों की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वहां आसपास में बैठने की कहीं जगह नहीं है। यात्रियों में महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक भी रहते है, जिन्हें चिलचिलाती धूप या बारिश के थपेड़ों से जूझते हुए खड़ा रहने को विवश हो जाना पड़ता है।  कुछ ही पलों के लिए इधर-उधर होने पर बस मिस हो जाने का डर भी रहता है। कमोबेश यहीं हाल गोयली चौराहा का है। वहां भी कड़ी धूप में खड़े रहने वाले यात्रियों के पसीने छूट जाते हैं। एक तरफ दुकानें तो बहुत है, पर वहां दुकानों के आगे छांव में खड़ा रहने में या तो यात्री खुद हिचकिचाहट करता है या फिर दुकानदार वहां खड़ा नहीं रहने देते।

इन्होंने बताया ... सकारात्मक रूप से जरूर सोचेंगे

वैसे अनादरा चौराहा व गोयली चौराहा स्टैण्ड तो घोषित नहीं है, पर यात्रियों की सुविधा के लिए बसें सवारियां तो उठाती है। शेड का मामला पहली बार ध्यान में लाया गया है, तो इस पर सकारात्मक रूप से जरूर सोचेंगे। गोयली चौराहा पर तो हम बुकिंग भी देना चाहते है, यदि कोई एजेन्ट सामने आया तो वहां यात्रियों के बैठने की सुविधा पर भी जरूर ध्यान देंगे।

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