कॉमनवेल्थ खेल : खाली हाथ नहीं लौटा कोई पहलवान

   Posted Date : 4/16/2018 7:54:58 PM

गोल्ड कोस्ट। कॉमनवेल्थ खेलों का समापन हो चुका है और पदकों के लिहाज से यह भारत का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इन खेलों में भारतीय खिलाडिय़ों ने 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य पदक सहित कुल 66 पदक जीते. कुश्ती में देश का कोई भी पहलवान बिना पदक के स्वदेश नहीं आया। भारतीय दल के सभी 12 रेसलर पदक जीतने में कामयाब रहे। कुश्ती की अलग-अलग स्पर्धाओं में भारत को 5 स्वर्ण, 3 रजत और 4 कांस्य पदक हाथ लगे। भारत के युवा पहलवान राहुल अवारे ने गोल्ड कोस्ट में विरोधी पहलवान को चित करके सोने का तमगा हासिल किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने पुरुषों की फ्री स्टाइल 57 किलोग्राम में कनाडा के पहलवान स्टीवन ताकाहाशी को शिकस्त दी। पुरुष फ्री स्टाइल 74 किलोग्राम में सुशील कुमार ने भारत को गोल्ड दिलाया।

अपेक्षा के अनुरूप यह स्टार पहलवान फाइनल में साउथ अफ्रीका के जोहानेस बोथा पर टूट पड़ा और केवल एक मिनट के भीतर फटाफट गोल्ड पर कब्जा कर लिया। सुशील ने 10-0 से कामयाबी पाई. सुशील ने राष्ट्रमंडल खेलों का तीसरा स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले उन्होंने 2010 दिल्ली और 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ में गोल्ड मेडल जीते थे। कॉमनवेल्थ गेम्स में विनेश फोगाट ने फ्री स्टाइल कुश्ती के 50 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। फाइनल में विनेश ने कनाडा की जेसिका मैक्डोनाल्ड को 13-3 से मात दी। विनेश ने आते ही जेसिका को कब्जे में लिया और पटखनी देते हुए चार अंक हासिल किए।

भारतीय पहलवान सुमित मलिक ने राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों के 125 किलो फ्री स्टाइल वर्ग में स्वर्ण जीता, क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी नाइजीरिया के सिनिवी बोल्टिक चोट के कारण मुकाबले में उतर नहीं सके। जिसकी वजह से उन्हें वॉकओवर दिया गया। अपने गोल्ड मेडल जीतने के सफर में सुमित ने पाकिस्तान के तैयब रजा को 10- 4 से हराया था। फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें नाइजीरियाई पहलवान ओडिनायो एडेकुओरोये ने 7-5 से हराया। पूजा को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। पुरुषों के फ्रीस्टाइल 97 किलो ग्राम वर्ग में पहलवान मौसम खत्री को सिल्वर मेडल मिला पाया।

फाइनल में साउथ अफ्रीका के मार्टिन इरासमस ने उन्हें 12-2 से शिकस्त दी। उन्होंने 2010 एशियाई खेलों में कांस्य जीता था और 2009 एवं 2011 में दो बार राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में जीत दर्ज की थी। महिला फ्री स्टाइल 76 किलोग्राम वर्ग में किरण ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। किरण ने मॉरीशस की के. परिधावेन को 10-0 से धूल चटाई। कुश्ती में इस बार भारत का प्रदर्शन कनाडा से भी बेहतर रहा है। महिला फ्रीस्टाइल 68 किलो ग्राम वर्ग में दिव्या काकरान ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने बेहद आसान मुकाबले में बांग्लादेशी प्रतिद्वंद्वी शिरिन सुल्ताना को 4-0 से मात दी।

पहलवान साक्षी मलिक को फ्रीस्टाइल 62 किलोग्राम में ब्रॉन्ज मेडल मिला। उन्होंने कांस्य पदक मुकाबले में न्यूजीलैंड की टेलर फोर्ड को 6-5 से हराया। साक्षी ने रियो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। पहलवान बजरंग पूनिया ने भी भारत को गोल्ड मेडल दिलाया। उन्होंने फ्री स्टाइल 65 किलो ग्राम भार वर्ग में वेल्स के पहलवान केन चैरिग को एकतरफा मुकाबले में 10-0 से मात दी। महिला फ्री स्टाइल 53 किलोग्राम (नॉर्डिक सिस्टम) के फाइनल में बबीता कुमारी को निराशा हाथ लगी।

वह कनाडा की पहलवान डायना विकर से पार नहीं पा सकीं। बबीता को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। दंगल गर्ल ने यह मुकाबला 2-5 गंवाया। बबीता ने 2010 दिल्ली खेलों में रजत और ग्लास्गो में 2014 में स्वर्ण पदक जीता था। पहलवान सोमवीर ने पुरुषों की कुश्ती की फ्री स्टाइल स्पर्धा के 86 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक पर कब्जा किया। सोमवीर ने रोचक मुकाबले में कनाडा के एलेक्जेंडर मूरे को 7-3 से हराया।

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