न्याय के लिए दर दर की ठोकरे खाने को मजबुर है रेखा कुमारी

   Posted Date : 4/14/2018 8:50:02 PM

बाली : कहते है कि पति पत्नि का सात जन्म का रिस्ता होता है। ओर सात फेरो से जुडे इस पवित्र रिस्ते की डोर बहुत ही मजबुत मानी जाती है। मगर कुछ लोग अपने धनबल के सहारे इस पवित्र रिस्ते को तार तार करते आसानी से नजर आने लगते है। ऐसा ही मामला बाली थाने में न्याय की आस के साथ रेखा कुमारी पुत्री मांगीलाल सीरवी  वेरा धारावता वाला ने न्यायालय का सहारा लेकर दर्ज करवाया है। न्यायालय द्वारा थाने में दर्ज करवाए मामले में पिडिता ने बताया कि मेंरी शादी करीब पांच वर्ष बाली वेरा टापू वाला निवासी महेन्द्रपाल पुत्र उमाराम जाती सीरवी के साथ हिन्दु रिति रिवाज के साथ समपन्न हुई थी  अपने पति के साथ तथा ससुराल वालो के साथ  रह रही थी

मेरे ससुराल वाले शादी के दिन से ही सुसराल वाले दहेज हेतु मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान करते आ रहे थे मगर लोकलाज व मेरे पिहर व ससुराल वालो में कोई विवाद नही हो उसी के चलते में ससुराल वालों के जुलुम सहती रही । लोकलाज के चलते मेने मुॅह नही खोला तो ससुराल वालों ने मुझे रास्ते से हटाने के नियत  से मुझे व मेरी पुत्री को जान से मारने की योजना बनाते हुए महाराष्ट्रª के भायंदर की खाडी में डालने के लिए पति महेन्द्र पाल लेकर गया तथा मेरी पुत्री लक्षिता व मेरे को खाडी में डालने लगा तभी मौके पर मोजूद लोगो ने बमुशकिल से हमे छुडाया तथा वहा से मौका देख मेरा पति महेन्द्रपाल भाग गया ।

मेरी पुत्री को खाडी मे डालने के लिए पति ने उल्टा लटकाया यह दृृश्य देख मे चक्कर खाकर गिर पडी बाद में जब होश आया तो राहगीरो ने मेरे पास लिखे मोबाइ्रल नम्बरो के अनुसार मेरे भाई को फोन पर बताने पर मेरा भाई तरूण मौके पर पहुचा और मुझे अपने साथ भाई के घर लेकर गया ।वहा से में राजस्थान अपने पीहर बाली आ गई । जब में अपने पिता के घर पुत्री के साथ रह रही थी तभी मेरा पति महेन्द्रपाल अपने काका चुन्नीलाल के साथ मेरे पीहर आए और मुझे कहा की तु तेरे पिता से चार लाख रूपये लेकर आ तभी तुझे साथ लेकर जाउंगा मेने पति व साथ आए चुन्नीलाल से हाथ जोडे की मेरी जिन्दगी खराब मत करो में इतनी बडी रकम लाने में असमर्थ हु मगर मेरी एक भी बात नही मानी ओर पेसे लाने के बाद ही साथ ले जाने की बात के साथ मेरे पीहर से चले गए ।

करीब एक साल बाद मुझे मेरे पति ने फालना के एक  होटल में बुलाया वहा पर मुझे विश्वास में लिया तथा मुझे साथ रखने की बात कही , दुसरे दिन मेरा पति आईओसी काॅलोनी आकर मुझे वहा बुलाया तथा वहा विश्वास में लेकर धोखे से किसी कागज पर मेरा अगुठा ले लिया जब अगुठा लिया जब हल्का अंधेरा हो चुका था जब मेरे पति के परीवार वाले समाज में मेरे पति की दुसरी शादी के लिए मेरे तलाक के पेपर दिखाने लगे तब मुझे ज्ञात हुआ की मेरे पति ने मुझे धोखे में रख तलाक के पेपर पर हस्ताक्षर करवाए है। पुलिस ने न्यायालय के आदेशानुसार धारा498ए व 406 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की , मगर पिडिता का आरोप है कि सुसराल वालो के उचे रसुकातो के चलते पुलिस मामले में लिपापोती कर रही है।

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