कठुआ बलात्कार हत्या मामले में राजनीति से जम्मू में तनाव

   Posted Date : 4/11/2018 7:27:05 PM

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बकरवाल समुदाय की 8 साल की लड़की के साथ गैंगरेप और जघन्य हत्या के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। इसको लेकर बुधवार को श्रीनगर के लाल चौक पर जेकेएलफ के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुईं। प्रदर्शनकारी इतने उग्र थे कि उन्हें पुलिस को हिरासत में लेना पड़ा। अलगाववादी नेता यासीन मलिक को गिरफ्तार किया गया है। इलाके में तनाव फैल गया है। उधर जम्मू हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (जेएचसीबीए) ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए बुधवार को बंद का आह्वान किया था जिससे क्षेत्र में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। जम्मू शहर में दुकानें और स्कूल बंद रहे जबकि विभिन्न मार्गों पर सार्वजनिक यातायात कम संख्या में चली।

अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियात के तौर पर ज्यादातर निजी शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस हड़ताल को कठुआ, सांबा और उधमपुर जिले मे अच्छी प्रतिक्रिया मिली। हाथों में झंडा लिए हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए जेएचसीबीए सदस्यों ने हाईकोर्ट परिसर से रैली शुरू की और लोगों से समर्थन की मांग करते हुए जम्मू ओल्ड सिटी के विभिन्न बाजारों में गए।  वकीलों के एक ग्रुप ने जानीपुर के निकट अदालत की तरफ जाने वाली सड़क बंद कर दिया और कुछ टायरों में आग लगाकर  गो बैक, गो बैक, रोहिंग्या गो बैक के नारे लगाए।

इस बंद को कई राजनीतिक पार्टियों और सीविल सोसाइटी समूहों का समर्थन मिला लेकिन जम्मू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (जेसीसीआई) ने बंद से खुद को अलग रखा। यह बंद अभी तक शांतिपूर्ण रहा। वकीलों और उनके समर्थकों ने इसे सफल बनाने के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया। विपक्षी पार्टी कांग्रेस और पैंथर्स पार्टी सहित कई सीविल सोसाइटी समूहों ने इस बंद को समर्थन दिया था लेकिन जेसीसीआई ने इसका यह कहते हुए विरोध किया कि इसे सही नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि बार के रोहिंग्या को वापस भेजने और कठुआ बलात्कार हत्या मामला विचाराधीन है।

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