इंडियन ओपन मुक्केबाजी में मैरी काम ने जड़ा सुनहरा पंच

   Posted Date : 2/2/2018 7:01:37 PM

नई दिल्ली। 35 वर्षीय भारतीय दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने इंडिया ओपन मुक्केबाजी टूर्नामेंट के अंतिम दिन स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हालांकि पुरुष वर्ग के ज्यादातर मुकाबलों में क्यूबा और उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज भारतीय खिलाडिय़ों पर भारी पड़े। मैरीकॉम ने 48 किलो भारवर्ग के फाइनल में फिलीपींस की जोसी गाबुको को 4-1 से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। टूर्नामेंट में भारतीय पुरुषों की तुलना महिलाओं का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिन्होंने पांच स्वर्ण पदक जीते। इससे पहले पिलाओ बसुमतारी (64 किलोग्राम) ने स्वर्ण पदक जीता। पूर्व विश्व और एशियाई कांस्य पदक विजेता ने थाईलैंड की सुदापोर्न सीसोंदी को 3-2 से शिकस्त दी।

असम की लवलीना बोरगोहेन भी वेल्टरवेट (69 किग्रा) वर्ग में पूजा को हराकर स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहीं। पिंकी जांगड़ा (51 किग्रा) ने सर्वसम्मति से हुए फैसले में मंगोलिया की जर्गालान ओचिरबेट को हराकर स्वर्ण जीता। मनीषा ने (54 किग्रा) हमवतन एम मीना कुमारी को हराकर भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या में एक और इजाफा किया। हालांकि एल सरिता देवी (60 किग्रा) को फाइनल में फिनलैंड की ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मिरा पोटकेनोन से 2-3 से हार कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पुरुषों के वर्ग में संजीत (91 किग्रा) ने उज्बेकिस्तान के संजार तुसरुनोव को हराकर देश के लिए पहला स्वर्ण जीता। वहीं, मनीष कौशिक (60 किग्रा) को उनके प्रतिद्वंदी बाट्टुमूर मिशील्ट के चोटिल होने के कारण रिंग में उतरे बिना ही स्वर्ण पदक मिल गया। एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता सतीश कुमार (91 किग्रा) को उज्बेकिस्तान के बाखोदिर जालोलोव ने 4-1 से हराकर रजत पदक जीता।

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