सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की प्रशासन को नहीं परवाह, खुलेआम हो रहा बजरी खनन

   Posted Date : 1/11/2018 4:26:08 PM

राजस्थान में बजरी खनन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक होने के बावजूद भी जिला मुख्यालय पर आज भी कुछ स्थानों पर चोरी-छीपे बजरी का गोरखधंधा सरेआम किया जा रहा है। यहां तक की हाल ही में सांसद एवं केंद्रीय मंत्री पी.पी. चौधरी की बैठक के दौरान मारवाड़ जंक्शन के विधायक केसाराम चौधरी ने एक चौकी प्रभारी पर इस मामले में रुपए लेने का भी आरोप लगाया था। तो वहीं अब तक कई स्थानों पर ये मामले सामने आ चूके है। जबकि अब खुलेआम रात्रि में बजरी का खनन कर कुछ स्थानों पर एकत्रित कर देते हैं।

 जिसके बाद इन बजरी को बैेलगाड़ी या लोडिंग टेक्सियों के माध्यम से आवश्यकता अनुरूप भेजा जा रहा है। बुधवार को भी शहर में कुछ ऐसे ही हालात देखने को मिले। जहां सूरजपोल से होते हुए बैलगाडिय़ों पर बजरी लेकर निकल रहे थे। जबकि बजरी की अब कालाबाजारी करने वाले लोग दुगने भाव लेकर इस काम को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन जिला मुख्यालय पर इस मामले पर कोई गम्भीरता नहीं दिखा गई है।

या कहें तो जिला प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की परवाह नही करता है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में एंवायरमेंंट अप्रेजल कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही सुनवाई करेगी। इस कमेटी को कोर्ट ने भी छह सप्ताह का समय दिया है। वहीं कोर्ट ने राजस्थान सरकार को बड़ी लीज धारकों खनन बंद करने के निर्देश दे डाले है।

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