मावल में मनरेगा के तहत 11 लाख की लागत से बना पवेलियन

   Posted Date : 1/1/2018 7:52:15 PM

आबूरोड। समीपवर्ती मावल में बाण माता मंदिर के पास राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में मनरेगा के तहत 11 लाख की लागत से निर्मित पवेलियन बिखरने लगा है। गुणवत्ताविहिन निर्माण के चलते पवेलियन का फर्श व किनारे दरकने लगी है। ऐसे में निर्माण के दौरान किए जाने वाला निरीक्षण सवालों के घेरे में है। वहीं ग्राम पंचायत प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की भूमिका कटघरे में है। शहर से दस किमी दूर मावल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में खेल मैदान में पवेलियन का अभाव है।

इसके चलते विद्यार्थियों को प्रतियोगिताओं के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में ग्राम पंचायत द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत पवेलियन निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई। जिसके चलते बाण माता मंदिर के पास स्कूल मैदान में पवेलियन निर्माण का कार्य शुरु किया गया। मनरेगा के तहत गत वर्ष 11 फरवरी 2017 को कार्य शुरु किया गया। लगातार चले कार्य के चलते हाल ही मेंं पवेलियन का कार्य पूर्ण होने की कगार पर है।  छांया के लिए पवेलियलन के ऊपर टीन शैड लगाया गया।

लेकिन, घटिया निर्माण के चलते कुछ ही दिन में पवेलियलन का फर्श दरकने लगा। फर्श में गड्ढे पडऩे शुरु हो गए। निर्माण के उपयोग में ली गई बजरी बाहर झांकने लगी है। पवेलियन की सीढ़ी के किनारे टूट गए। समूचे पवेलियन की फर्श में दरारे, गड्ढे पड़ गए है। ऐसे में मनरेगा के तहत 11.690 लाख की लागत से बना पवेलियन ग्राम पंचायत की कार्यकुशलता को कटघरे में खड़ा कर रहा है। वहीं निर्माण के दौरान ग्राम पंचायत के सम्बधित अधिकारियों का सुपरविजन ग्रहण का पर्याय बना हुआ है।

जांच की दरकार

पवेलियन निर्माण में गुणवत्ता के मापदंडों की खुलकर अनदेखी की गई है। निर्धारित अनुपात में निर्माण सामग्री का उपयोग नहीं किया गया है। इससे निर्माण के चंद दिनों के बाद ही पवेलियन दरकने लगा है। ऐसे में समूचे मामले व पंचायत प्रशासन की भूमिका की जांच निहायत जरुरी है।

जनप्रनिधियों का मौन

गांव की सरकार कहलाने वाली ग्राम पंचायत में सरपंच व वार्ड पंचों की भूमिका अहम होती है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में होने वाला किसी भी तरह के निर्माण की उनकी जानकारी होती है। लेकिन, पवेलियन निर्माण में जनप्रतिनिधि मौन साधे रहे। सरपंच, वार्ड पंच समेत किसी भी जनप्रतिनिधि ने गुणवत्ताविहिन निर्माण के खिलाफ आवाज बुलंद नहीं की। ऐसे में घटिया निर्माण का सबूत बना पवेलियन सीना ताने खड़ा पंचायत प्रशासन को चुनौती दे रहा है।

कौन करे कार्यवाही

सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के सूनसान इलाके में बने पवेलियन के मामले में ग्राम पंचायत के अधिकारियों ने कार्यवाही करने से गुरेज किया। कार्य के दौरान मौके पर मौजूद मेट व निर्माण के लिए जिम्मेदार के खिलाफ टिप्पणी करना व उच्चाधिकारियों तक को अवगत करना जरुरी नही समझा। इसके चलते घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार को बचाने वालों पर कार्यवाही की दरकार बनी हुई है।
करवाएंगे  जांच... अभी निर्माण कार्य जारी है। घटिया निर्माण की जांच करवाई जाएगी। सम्बधित के खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

Visitor Counter :