लश्कर-ए-तैयबा के आठ आतंकियों को उम्र कैद की सजा

   Posted Date : 12/6/2017 9:29:05 PM

जयपुर : राजस्थान में जयपुर की एक अदालत ने लश्कर ए तैयबा संगठन के तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों सहित आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला न्यायालय संख्या सत्रह के न्यायाधीश पवन गर्ग ने यह फैसला सुनाया।

अदालत ने इन आतंकवादियों पर नौ से ग्यारह लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद गत तीस नवंबर को पाकिस्तानी आतंकवादियों असगर अली, शकरउल्लाह एवं महोम्मद इकबाल सहित बाबू उर्फ निशाचन्द, पवन पुरी, अरुण जैन, काबिल खां एवं हाफिज अब्दुल मजीद को भारत में लश्कर ए तैयबा संगठन को बढ़ाने और आतंकवादी गतिविधियों से अशांति फैलाने का प्रयास करने का दोषी ठहराया था।

लश्कर के पाकिस्तान में कमांडर वलीद महोम्मद के इशारे पर असगर अली ने जयपुर और शकर उल्लाह और महोम्मद इकबाल ने पटियाला जेल में रहते हुए आतंकवादी गतिविधियों को फैलाने का षडयंत्र रचा और जेल में ही मिले लोगों को विध्वंसकारी गतिविधियां करने के लिए संगठन से जोड़ा था। जेल से होने वाली आतंकवादियों की बातों को आतंकवादी निरोधक दस्ते (एटीएस) ने रिकॉर्ड कर इनके मंसूबों का पर्दाफाश किया था।

अदालत ने फैसले में दोनों जेलों के तत्कालीन जेलर और अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं जिनकी लापरवाही से जेल में बन्द आतंकवादी भी बाहर फोन से पाकिस्तान में बैठे अपने लश्कर के सरगना से संपर्क करते रहे। इस मामले में एटीएस की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक महावीर जिन्दल ने बताया कि गैरकानूनी गतिविधियां निरोधक कानून की विभिन्न धाराओं के तहत पांच आतंकवादियों पर नौ- नौ लाख और तीन पर ग्यारह-ग्यारह लाख का जुर्माना लगाया है। उल्लेखनीय है कि जयपुर में 21 अक्टूबर 2010 को (एटीएस) ने इनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

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