तीसरा टेस्ट ड्रॉ, भारत ने की विश्व रिकॉर्ड की बराबरी

   Posted Date : 12/6/2017 9:17:37 PM

नई दिल्ली। जीत के साथ टेस्ट सीरीज का समापन करने की टीम इंडिया की हसरत यहां अधूरी रह गई। श्रीलंका टीम ने सीरीज के तीसरे टेस्ट के अंतिम दिन जबर्दस्त संघर्ष क्षमता दिखाई और दूसरा टेस्ट ड्रॉ कराकर अपने सम्मान को एक हद तक बचा लिया। पांचवें दिन का खेल जब समाप्त घोषित किया गया, उस समय श्रीलंका की दूसरी पारी का स्कोर 103 ओवर में 5 विकेट पर 299 रन था। रोशन सिल्वा 74 और निरोशन डिकवेला 44 रन बनाकर नाबाद थे। इन दोनों बल्लेबाजों के अलावा धनंजय डिसिल्वा के शतक का भी मैच ड्रॉ कराने में खास योगदान रहा।

डिसिल्वा 119 रन बनाकर रिटायर हुए। टीम इंडिया तीन टेस्ट की सीरीज 1-0 से जीतने में सफल रही। भारतीय टीम ने नागपुर में हुआ दूसरा टेस्ट जीता था जबकि कोलकाता का पहला और दिल्ली का तीसरा टेस्ट ड्रॉ रहा। मैच के दूसरे दिन भारतीय गेंदबाज श्रीलंका के केवल दो विकेट ही गिरा पाए। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और मैच और सीरीज का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया। दिन का पहला ओवर तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने फेंका जिसमें तीन रन बने। भारतीय टीम को चौथी सफलता के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। लेग स्पिनर रवींद्र जडेजा ने पारी के 22वें ओवर में एंजेलो मैथ्यूज (1) को पहले स्लिप में कैच करा दिया। पहली पारी के शतक जमाने वाले मैथ्यूज के आउट होने से श्रीलंका की मैच बचाने की उम्मीदों को करारा झटका लगा।

धनंजय ने चंदीमल के साथ पांचवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। श्रीलंका टीम के 100 रन 38.4 ओवर में पूरे हुए। पहला सेशन श्रीलंका के लिए इस लिहाज से महत्वपूर्ण रहा कि उसने 35 के स्कोर पर मैथ्यूज के रूप में चौथा विकेट गंवाने के बाद और कोई नुकसान नहीं उठाया। लंच के ठीक पहले जडेजा की गेंद पर दिनेश चंदीमल के खिलाफ जोरदार अपील हुई थी लेकिन नोबॉल के कारण यह मौका हाथ से जाता रहा। लंच के समय श्रीलंका का स्कोर चार विकेट पर 119 रन था। दूसरे सेशन में टीम इंडिया को जल्दी विकेट की जरूरत थी और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन टीम के लिए यह सफलता लेकर आए। उन्होंने पहली पारी में 164 रन की बेहतरीन पारी खेलने वाले श्रीलंका के कप्तान दिनेश चंदीमल (36 रन, 90 गेंद, दो चौके) को बोल्ड कर दिया।

दूसरे छोर से धनंजय डिसिल्वा की शानदार बल्लेबाजी जारी थी, मुश्किल वक्त में श्रीलंका के लिए धनंजय डिसिल्वा ने जुझारू पारी खेली। लंच के बाद उन्होंने अपना तीसरा टेस्ट शतक पूरा किया। इस दौरान धनंजय ने 188 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौके और एक छक्का लगाया। शतक पूरा करने के बाद डिसिल्वा को मुश्किल जीवनदान मिला जब रविचंद्रन अश्विन अपनी ही गेंद पर उनका कैच लपकने से चूक गए। हालांकि धनंजय का यह शॉट बेहद तेज था लेकिन इसकी ऊंचाई ऐसी थी कि यह लपका जा सकता था। श्रीलंका के 200 रन 73.2 ओवर में पूरे हुए।

श्रीलंका का स्कोर जब 205 रन था तब डिसिल्वा ने हर किसी को हैरान करते हुए रिटायर होने का फैसला किया। चाय के समय 81 ओवर में श्रीलंका की दूसरी पारी का स्कोर पांच विकेट पर 226 रन था। चायकाल के बाद रोशन सिल्वा और निरोशन डिकवेला ने शानदार बल्लेबाजी जारी रखी। समय गुजरने के साथ भारत की जीत की उम्मीदें कम होती जा रही थीं। रोशन सिल्वा ने अपने पहले ही टेस्ट में अर्धशतक जमाया। उनके 50 रन 105 गेंद पर 9 चौकों की मदद से पूरे हुए। 103 ओवर के बाद जब श्रीलंका का स्कोर 5 विकेट पर 299 रन था।

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