चिकित्सको की लापरवाही व अनदेखी के चलते बालिका की मौत

   Posted Date : 10/12/2017 6:43:40 PM

सिरोही : जिला मुख्यालय स्थित सार्वजनिक चिकित्सालय में लग रहे चिकित्सकों पर लापरवाही व अनदेखी के आरोपों का सिलसिला कम होने का नाम ही नही ले रहा है। आमजन द्वारा जहां आए  दिन चिकित्सकों पर कई तरह के आरोप लग रहे है वही चिकित्सको की लापरवाही से एक दो मौतों को लेकर भी कई तरह के सवाल खडे हुए है और एक बार फिर से चिकित्सको की लापरवाही व अनदेखी के चलते बालिका की मौत का मामला सामने आया है और जिसे लेकर परिजनों ने केस भी दर्ज करवाया दिया है। जानकरी के अनुसार नयावास निवासी लखपतसिंह सिंदल की पुत्री कुसम सिंदल का इलाज में बरती गई लापरवाही के बाद उसकी मौत हो गई  जिसके बाद जहां बुधवार को रात्री अस्पताल में परिजनों ने जमकर हंगामा खडा कर दिया।  वहीं सैकडांे की संख्या में राजपूत समाज व मोहल्लेवासी भी अस्पताल मंे एकत्रित हो गये और लापरवाही चिकित्सको पर कार्रवाही व निलंबन की मांग करने लगे। इस संबध में मृतक बालिका के पिता व परिजनों ने चिकित्सको की अनदेखी पर मामला भी दर्ज करवाया और षव को नही उठाने को लेकर अडे रहे ।

दूसरे दिन गर्माया मामला

वही बुधवार की षाम से लेकर गुरूवार की दोपहर तक मामला ठंडा होने का नाम ही ले रहा था। गुरूवार की सुबह भी सैकडांे की संख्या मे उनके सघे संबधी, मोहल्लेवासी सहित परिजन एकत्रित हुए और पीएमओ साहब का इंतजार करने लगे और पीएमओ साहब के आने के बाद उनके परिजनो ने टिम गठित कर जांच करने एवं पोस्टमार्टम करने की मांग की,जिस पर पीएमओ ने कहा कि स्थानीय चिकित्सको द्वारा पोस्टमार्टम के लिए टिम गठित कर सकता हूं,लेकिन जिले से बाहर के लिए कलेक्टर से संपर्क करना पडेगा,जिसके बाद वे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे,लेकिन बैठक होने के कारण ज्ञापन कार्यालय में दिया उसके बाद उनके परिजन गोपालन राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद देवजी एम पटेल, पिंडवाडा विधायक समाराम गरासिया,सभापति सहित कई भाजपा पदाधिकारियांे से मिल पूरी घटनाक्रम को बताया और जल्द से जल्द लापरवाह चिकित्सको पर कार्रवाही करने की मांग की। जिस पर गोपालन राज्य मंत्री ने तुरंत प्रभाव से फोन पर जिला पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाष को मामले की जांच करने को कहा और मामला दर्ज कर कार्रवाही करने की मांग की,जिस पर एसपी ने मंत्री को भरोसा दिलाया।

चिकित्सको के उपर आरोप

वही उनके पिता व उनकी बडी बेटी बिटिया सिंदल ने बताया कि कुसम की मौत चिकित्सको की घोर लापरवाही व अनदेखी के कारण हुई है और इन चिकित्सको पर जमकर कार्रवाही होनी चाहिए। उनके पिता लखपत सिंह ने बताया कि  अगर चिकित्सक लापरवाही नही करते तो आज मेंरी बेटी जिंदा होती। उन्होने बताया कुसुम की पेषाब मे भराव होेने के कारण उसकी तबीयत बिगडने लगी जिस पर वे  कुसुम को लेकर सुबह अस्पताल गये और चिकित्सको को दिखाने के बाद आनन-फानन में उसे भर्ती कर दिया, लेकिन उसका ठिक तरह से इलाज नही किया गया। परिजनांे ने चिकित्सको को कहा कि अगर मामला बिगड रहा है तो हम बाहर लेकर जाए,लेकिन वहां से ठिक जवाब नही दिया गया,जिससे पेट की समस्यां अधिक बढने लगी। उनके परिजनों ने चिकित्सको से सोनोग्राफी की मांग की,लेकिन सोनोग्राफी के बगैर ही वे आनन-फानन में इलाज करते रहे।

मरने के बाद दिया आॅक्सीजन
उनकी बेटी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरी बहन को भर्ती करने के बाद किसी चिकित्सकों ने ध्यान नही दिया और वे एक दूसरे चिकित्सकों पर इलाज करने को लेकर टालते रहे,जिसके बाद उसने बैड पर ही तडप-तडपकर जान दे दी। उन्होने बताया कि कुसूम को तडपती हालत में देख बार बार चिकित्सको को बुलाया लेकिन वे नही आये और ना ही पूरे दिन ठिक तरह से इलाज किया।  परिजनों ने कहा कि मेरी बेटी की मौत होने के बाद भी कुसम को आॅक्सीजन दे रहे थे और मौत के बाद उसे बाहर रेफर करने को भी कहे रहे थे।  उन्होने बताया रात्री में चिकित्सक आॅन डयूटी पर थे   लेकिन किसी ने मामले को गंभीरता से नही लिया । उनकी बेटी ने बताया कि राषि अग्रवाल को हालत बताने पर वे भी किसी मरीज के  सीरियस कैस का बहाना बनाते हुए फोन पर बात करते करते कुसुम को तडपता हालत में छोड चली गई।

Visitor Counter :