2020 तक 5जी सेवा शुरू करने से पहले 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार

   Posted Date : 9/27/2017 9:18:16 PM

नई दिल्ली : सरकार ने आज उच्च स्तरीय 5जी समिति गठित की। समिति को 2020 तक प्रौद्योगिकी क्रियान्वित करने के लिए रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा, ‘‘हमने उच्च स्तरीय 5जी कमेटी गठित की है जो 5जी बारे दृष्टिकोण, मिशन और लक्ष्यों को लेकर काम करेगी। दुनिया में 2020 में जब 5जी प्रौद्योगिकी लागू होगी, मुझे भरोसा है कि भारत उनके साथ खड़ा रहेगा।’’

अधिकारियों के अनुसार सरकार 5जी से जुड़ी गतिविधियों के लिए 500 करोड़ रुपए का कोष सृजित करने पर काम कर रही है। यह कार्य मुख्य रूप से शोध और उत्पाद विकास का होगा। 5जी प्रौद्योगिकी के तहत सरकार का शहरी क्षेत्रों में 10,000 मेगाबाइट प्रति सैकेंड (एम.बी.पी.एस.) और ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 एम.बी.पी.एस. की गति उपलब्ध करवाने का लक्ष्य है। इस समिति में दूरसंचार, इलेक्ट्रानिक्स और आई.टी. मंत्रालय तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव शामिल हैं। 

5-जी एक टेक्नोलॉजी है जो आज से करीब 2 साल बाद फास्ट मोबाइल ब्रॉडबैंड नेटवर्क पर काम करेगी। 5जी नैटवर्क 20-जी.वी.पी.एस. की स्पीड देगा। अभी 4जी नैटवर्क 1 जी.वी.पी.एस. की ही स्पीड दे सकते हैं। यह समझ लीजिए कि एक तरह से आप अपनी पॉकेट में फाइबर ऑप्टिक कनैक्शन लेकर चलेंगे।

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