एलोपैथिक डाक्टर के भरोसे रामसीन पीएससी

   Posted Date : 5/19/2017 7:04:04 PM

रामसीन। कस्बे के स्थिति राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रमें करीब एक वर्ष से चिकित्सक का पद खाली पडा है। जिससे ग्रामीणों को उचित उपचार नही मिल रहा। क्षैत्र में मौसमी बीमारियों भी हो रही है। चिकित्सा विभाग के डाॅक्टर का पद रिक्त होने से अस्पताल में कार्यरत युनानी चिकित्सक की ओर से एलापैथिक उपचार करने की वैकल्पिक व्यवस्था की है। इधर युनानी चिकित्सक के अवकाश पर चले जाने से इन दिनों अस्पताल में व्यवस्थाएं कार्यरत जीएनएम के भरोसे चलती है।

रामसीन सहित आस-पास के दर्जनों गांवों के मरीज छोटभ्-मोटी बीमारी का उपचार करवाने रामसीन अस्पताल आते है लेकिन डाॅक्टर के अभाव में मरीजों का पूरा ईलाज नही मिल रहा है। वहीं अस्पताल में एक पद एएनएम का पद भी रिक्त है। जिससे प्रसव सूविधा भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि चिकित्सक नही होने से सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नही मिल रहा है। खंड चिकित्साधिकारी ने बताया कि चिकित्सक व एएनएम का पद रिक्त होने से वैकल्पिक व्यवस्था बनाएं रखने के लिये युनानी चिकित्सक को निर्देश दिए है। चिकित्सक व एएनएम की कमी के चलते ओपीडी भी प्रभावित हो रही है। पीसचसी की वर्तमान स्थिति

कस्बे पीएसी में चिकित्सक नही होने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि अकेले रामसीन कि आबादी 12 से 15 हजार के करीब है तथा रामसीन आसपास के मगरा व मैदानी क्षैत्र के करीब 25-27 गांवों-ढ़ाणियों का केंन्द्र बिंदु है। आंपरेषन थियेटर भी है लेकिन संसाधनों का टोटा है। इसके अलावा चिकित्सालय में महिला एवं षिषु रोग विषेषज्ञ नही है। दुघर्टनाओं में गंभीर रूप से घायलों एवं प्रसूति के समय महिलाओं को भीनमाल, पालनपुर, डीसा, जोधपुर ले जाना पडता है।

गुजरात से जोडने वाली हाइवें रोड होने की वजह के कारण आए दिन होते सड़क हादसों में घायल वाहन चालक, राहगीर समुचित चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में असमय ही काल ग्रास बन जाते है।रामसीन पीएचसी में मरीजों की आउटडोर संख्या 50-60 प्रतिदिन है। वहीं प्रतिमाह औसत 30-35 महिलाओं की प्रसूति-डिलवरी संख्या है। जो आसपास के सीएचसी के बराबर है। लेकिन मजबूरन बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए ग्रामीणों को 125 किमी. जोधपुर, 150 किमी. पालनपुर, 300 किमी. अहमदाबाद जाना पडता है।

 भामाशाह योजना हो रही है प्रभावित

 कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक व एएनएम का पद रिक्त होने से ग्रामीणों को भामाशाह योजना कार्ड का लोगों को लाभ नही मिल रहा है। निजी अस्पतालों में भी भामाशाह स्वास्थ्य कार्ड होते हुए भी कार्ड धारको से पैसे वसूले जाते है।

इन-इन गावों में चल रहे है झोलाछाप क्लिनिक

 कस्बे में चिकित्सक व एएनएम का पद रिक्त होने से कस्बे सहित आस-पास के गावों में झोलाछापों का बोंलबाला है। जिसमें कस्बे में करीब पांच क्लिनिक, चान्दना, वाडका-गोगा, तातोल में तीन, मुउतरासिली, सोमता, भरूडी, थुर, सहित कई गांवों मेंझोलाछाप बैठे हुए है, जो ग्रामीणों को उपचार कें नाम पर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे है। चिकित्सक के पर रिक्त होने से कार्यवाही नही हो रही है।

इनका कहना है ‘‘वास्तविक रामसीन में चिकित्सक का पद रिक्त है जिससे दुघटैना व पुलिस केश होने में काफी परेशानियों आ रही है। इस संबंध में मेने जिले की हर बैठक में सीएचएमओ को चिकित्सक व एएनएम के रिक्त पद होने की जानकारी दे रखी है’’ डाॅ. एस. एस. भाटी, ब्लाॅक सीएमओ जसवंतपुरा

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